संजीवनी टुडे

व्हाइट हाउस ब्रीफिंग/ वैज्ञानिक बोले- सूरज की किरणों, सफाई करने वाले ब्लीच और अल्कोहल से कोरोना का इलाज संभव नहीं, कैंसर का खतरा

संजीवनी टुडे 28-04-2020 17:12:22

कोरोनावायरस महामारी का दुनियाभर में खौफ फैला हुआ है, व्हाइट हाउस में कोविड-19 को लेकर राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प और उनकी टीम रोजाना ब्रीफिंग करते नजर आ रही है।


नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी का दुनियाभर में खौफ फैला हुआ है, व्हाइट हाउस में कोविड-19 को लेकर राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प और उनकी टीम रोजाना ब्रीफिंग करते नजर आ रहै है। हाल ही में इसमें साइंस एडमिनिस्ट्रेटर विलियम एन ब्रायन ने कहा कि सरकार ने सतह पर कोरोना वायरस का खात्मा करने के लिए सूरज की किरणों, सफाई करने वाले ब्लीच और अल्कोहल का टेस्ट कर लिया गया है। इसके बाद ट्रम्प ने भी इंसान के शरीर में इंजेक्शन के जरिए डिसइंफेक्ट पहुंचाने का अनुमान लगाया था। लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सूरज की किरणों और सफाई के लिए उपयोग में आने वाली चीजों और ब्लीच से कोरोना का इलाज संभव है। इसलिए न ही ब्लीच पीयें और न ही भरोसा करें कि अल्ट्रावॉयलेट किरणों से कोरोना ठीक हो सकता है।

स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर डॉक्टर डीन विंस्लो के मुताबिक यह बेहद डराने वाला है कि हमें इन चीजों को दूर रखना है। वही, कनेटिकट यूनिवर्सिटी के इकोलॉजिकल मॉडलर्स की एक स्टडी के मुताबिक अल्ट्रावॉयलेट लाइट से वायरस के बढ़ने के स्तर में कमी आती है। हालांकि इस स्टडी की अब तक समीक्षा नहीं की गई है। एक्सपर्ट्स इस बात की चेतावनी दे चुके हैं कि अल्ट्रावॉयलेट लैंप डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं और स्वस्थ्य सेल को कैंसर में बदल सकते हैं।
    
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में चर्मरोग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर जस्टिन बताते हैं कि रेडिएशन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण कई स्वास्थ्य केंद्र मास्क साफ करने में यूवी लाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन इंसान के शरीर पर इसके उपयोग से परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सोराइसिस और कुछ लिंफोमास जैसी स्किन प्रॉब्लम्स का यूवी लाइट के जरिए इलाज हो सकता है। वहीं, डॉक्टर विंस्लो के मुताबिक, यूवी लाइट से किसी सांस की परेशानी के इलाज के बारे में सोचना बेहूदापन है।

हाल ही में हुई ब्रीफिंग में ट्रम्प ने स्टाफ को घर की सफाई करने वाली चीजों के मेडिकल उपयोग की सलाह दी थी। ओक्लाहोमा सेंटर फॉर पॉयजन एंड ड्रग इनफर्मेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर स्कॉट शैफर कहते हैं कि ब्लीच या दूसरे डिसइंफेक्ट सतहों के लिए बने होते हैं। इनका उपयोग इंसान के शरीर पर नहीं हो सकता। यह ह्यूमन टिशू को खत्म कर सकते हैं। शुक्रवार को ब्रिटेन में लाइजॉल के निर्माता रैकिट बेनकिसर ने ग्राहकों को चेतावनी दी। कंपनी ने कहा कि किसी सी परिस्थिति में हमारे प्रोडक्ट का उपयोग किसी भी तरह से इंसान के शरीर पर नहीं किया जाना चाहिए।
    
इलिनॉइज पॉइजन सेंटर के अस्सिटेंट वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर कैरोल डेलॉरियर के मुताबिक ये डिसइंफेक्ट गलत तरीके से उपयोग करने पर आपकी चमड़ी और पेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कोविड- 19 वायरस फेंफड़ों के लिए घातक है, आप इसके जरिए फेंफड़ों को चोट नहीं पहुंचाना चाहेंगे। पॉयजन कॉल सेंटर्स के डॉक्टर्स के मुताबिक, बीते हफ्तों में सफाई के प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से नुकसान के मामले बढ़े हैं। सीडीसी ने भी कंट्रोल सेंटर्स में बढ़ रहे मामलों को लेकर आगाह किया है।

यह खबर भी पढ़े: Crime: पेड़ पर फंदे से लटकता मिला प्रेमीयुगल का शव, पूरे इलाके में सनसनी

यह खबर भी पढ़े: BSNL का धांसू प्लान, 97 रुपये के रिचार्ज पर हर दिन 100 SMS, 2GB डेटा और भी बहुत कुछ...

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From world

Trending Now
Recommended