संजीवनी टुडे

संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया मामले पर की ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 09-10-2019 14:52:05

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान शुरू करने की तुर्की की घोषणा और उसके बाद क्षेत्र से अपनी सेना हटाने के अमेरिका के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।


संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान शुरू करने की तुर्की की घोषणा और उसके बाद क्षेत्र से अपनी सेना हटाने के अमेरिका के फैसले पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया है कि मामले में सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने का आह्रान किया है और चिंता जताई कि युद्ध-ग्रस्त क्षेत्र में संभावित सैन्य कार्रवाइयों से नागरिकों को नुकसान पहुंच सकता है।

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ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन के बीच रविवार को फोन पर बातचीत होने के बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान शुरू होने जा रहा है और अब अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में नहीं रहेगी।”

इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार रात टि्वटर पर उत्तरी सीरिया से अपने सैनिकों को हटाने के फैसले की घोषणा की थी।

अमेरिका ने आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में कुर्द लड़ाकों का सहयोगी के रूप में समर्थन किया था जबकि तुर्की उन्हें गैरकानूनी घोषित किये गये कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) का विस्तार मानता है। तुर्की पीकेके को आतंकवादी संगठन मानता है। उत्तरी सीरिया से अपनी सेना हटाये जाने के अमेरिकी फैसले के बाद तुर्की के लिए उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों पर हमला करने का रास्ता खुल जाएगा।

ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए मंगलवार को ट्वीट किया, “अमेरिका कुर्द लड़ाकों को अकेला नहीं छोड़ेगा और अगर तुर्की उत्तरी सीरिया में अपने दायरे से बाहर जाकर कुछ भी करता है तो उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी जाएगी।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में कुर्द लड़ाकों को ‘विशेष लोग और अद्भुत योद्धा’ भी बताया।

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गुटेरेस ने कहा कि आठ वर्षों से अधिक समय तक संघर्ष झेलने के बाद उत्तरी सीरिया के नागरिकों और क्षेत्र के संरचनात्मक ढांचों की रक्षा करने की जरूरत है। क्षेत्र के नागरिकों तक मानवीय सहायता निरंतर और निर्बाध तरीके से पहुंचने की गारंटी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “सीरियाई संघर्ष का समाधान सैन्य अभियान नहीं है।” संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2254 के तहत ही शांतिपूर्ण प्रक्रिया से सीरियाई संघर्ष का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।”

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