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उइगर मुसलमानों की जन्म दर को घटाने के लिए सख्त चीन सरकार, करा रही जबरन नसबंदी, गर्भपात ..

संजीवनी टुडे 01-07-2020 09:39:15

उइगर मुसलमानों की जन्म दर को घटाने के लिए सख्त चीन सरकार, करा रही जबरन नसबंदी


नई दिल्ली। चीन में सरकार उइगर मुसलमानों की आबादी पर अंकुश लगाने के तहत उइगर एवं अन्य अल्पसंख्यकों के बीच जन्म दर को घटाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जबकि हान बहुसंख्यकों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के दस्तावेज़ों तथा निरोध केंद्र में पूर्व में रखे गए 30 लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और निरोध केंद्र के पूर्व प्रबंधक के साक्षात्कारों पर आधारित जांच में पता लगा है कि पहले बहुत कम महिलाओं के पास जबरन गर्भनिरोध के अनुभव थे, लेकिन यह चलन पहले की अपेक्षा अब ज्यादा बड़े पैमाने पर और सुनियोजित तरीके से शुरू हो गया है। 

झिंजियांग के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में पिछले 4 साल से चलाए जा रहे इस अभियान को विशेषज्ञों ने एक प्रकार का ‘जनसांख्यिकीय जनसंहार’ बताया है।साक्षात्कार और आंकड़े के अनुसार, प्रांत अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को नियमित तौर पर गर्भावस्था जांच कराने को कहता है, उन्हें अंतर्गर्भाशयी उपकरण (आयूडी) लगवाने के अलावा नसबंदी करवाने तथा लाखों महिलाओं को गर्भपात कराने के लिए मजबूर करता है। 

एक ओर देश भर में आईयूडी को प्रयोग करने और नसबंदी में गिरावट हुई हैं तो दूसरी ओर झिंजियांग में इनमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जनसंख्या नियंत्रण के इन उपायों पर जोर बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेकर दिया जाता है। निरोध केंद्र में भेजे जाने को धमकी के साथ ही जन्म दर पर नियंत्रण करने में विफल रहने पर दी जाने वाली सजा का इसके लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे संबंधित जांच में पाया कि अधिक बच्चे होना निरोध केंद्रों में लोगों को भेजे जाने का बड़ा कारण है, जहां तीन या उससे अधिक बच्चों के माता-पिता को उनके परिवार से उस समय तक दूर रखा जाता है जब तक कि वो बड़ा जुर्माना नहीं भर देते।

पुलिस छिपे हुए बच्चों की तलाश के लिए घरों पर छापे मारती है। डरे हुए अभिभावकों को चेतावनी देती है कि 2 से अधिक बच्चे पैदा करने पर जुर्माना नहीं देने पर उन्हें निरोध केंद्रों में भेज दिया जाएगा। सरकार कई माताओ को दूसरे या तीसरे बच्चे के जन्म के बाद आईयूडी लगवाने का आदेश देती है। उल्लेखनीय है कि साल 2014 में मुसलमानों के रमजान में रोजे रखने पर रोक लगा दी गई थी। मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अजान देने पर भी रोक लगाई गई थी और मस्जिदों में चलने वाली इस्लामिक दीक्षा को भी रोक दिया गया था। सरकार किसी कुछ भी करके शिनजियांग प्रांत पर किसी एक समुदाय का कब्जा नहीं होने देना चाहती है। 

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