संजीवनी टुडे

राष्ट्रपति चुनाव-2020 : जलवायु परिवर्तन होगा मुख्य मुद्दा

संजीवनी टुडे 15-03-2019 12:25:09


लॉस एंजेल्स| अमेरिका में इस बार राष्ट्रपति चुनाव-2020 में चुनाव प्रचार अभियान का मुख्य मुद्दा इमीग्रेशन न होकर जलवायु परिवर्तन होगा। राष्ट्रपति चुनाव में अभी 19 महीने बचे हैं, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी से अधिकृत उम्मीदवारी के लिए जद्दोजहद कर रहे उम्मीदवारों में बर्नी सैंडर्स से लेकर कमला हैरिस तक सभी की ज़ुबान पर एक ही मुद्दा 'ग्रीन न्यू डील' है। 

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अमेरिकी कांग्रेस ने इस मुद्दे को अपने सर्वसम्मत प्रस्ताव में जगह दी है। इसके अंतर्गत 2030 तक अमेरिका को कार्बन मुक्त किया जाना है। वाशिंगटन गवर्नर जेय इंसली ने तो इस मुद्दे को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हथियार बना लिया है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को दुनिया भर के सत्तर देशों में यूनिवर्सिटी छात्र और युवा अपनी कक्षाओं का त्याग कर सड़कों पर उतर कर अपनी-अपनी सरकारों से माँग करेंगे कि जलवायु संतुलन ही उनकी जीवन शैली का एक अंग होना चाहिए। 

यह मुद्दा भारत सहित विकासशील देशों में मतदाताओं और कुछ राजनैतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस जलवायु संतुलन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का साथ नहीं देकर यूरोपीय देशों का साथ दिया था। इस दिशा में भारत ने कार्बन उन्मूलन की दिशा में जो क़दम उठाए हैं, चाहे वे सोलर ऊर्जा हो अथवा आणविक ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, अमेरिकी कांग्रेस ने भारत के प्रयासों की सराहना की है। 

वाशिंगटन गवर्नर इंसली ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन को छोड़ कर और कोई मुद्दा इस बार चुनाव में हो ही नहीं सकता। अभी हाल में जलवायु संतुलन पर विश्व विख्यात येल यूनिवर्सिटी में क्लाइमेट चेंज पर सर्वे किया गया था, वह कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसके 'सेंटर फ़ार अमेरिकन प्रोग्राम' में कहा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान आधारित पाँच राज्यों में रुझान महत्वपूर्ण होंगे। 

इन राज्यों में डेमोक्रेटिक प्राइमरी मतदाताओं के लिए क्लाइमेट चेंज और हेल्थ केयर अहम होंगे। बेटो ओ रोरकेय के नेतृत्व में दुनिया भर के युवाओं में लोकप्रिय 'सनराइज़ मूवमेंट' ने जलवायु परिवर्तन को जीवन शैली के साथ बेरोज़गारी और ग़रीबी उन्मूलन का एक अंग मानते हुए आंदोलन खड़ा किया है। 

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यह आंदोलन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारों को अपनी बात समझाने में कितना सक्षम होगा, एक बड़ा मुद्दा है। टाइम पत्रिका के अनुसार बराक ओबामा ने अपने चुनाव प्रचार में हेल्थ केयर को मुख्य मुद्दा बनाया था। 

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