संजीवनी टुडे

दुनिया को दिखाने के लिए आतंकवादियों के खिलाफ झूठे और कमजोर मामले दर्ज कर रहा है पाकिस्तान

संजीवनी टुडे 18-08-2019 12:21:16

पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों और अपनी मिट्टी पर पल रहे आतंकियों को लेकर एफएटीएफ को गुमराह करने में जुटा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान अब आतंकी संगठनों के खिलाफ बस दिखावे के लिए झूठे और कमजोर मामले दर्ज कर रहा है।


नई दिल्ली। पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों और अपनी मिट्टी पर पल रहे आतंकियों को लेकर एफएटीएफ को गुमराह करने में जुटा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान अब आतंकी संगठनों के खिलाफ बस दिखावे के लिए झूठे और कमजोर मामले दर्ज कर रहा है।

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गौरतलब है कि बैंकॉक में हुए FATF की बैठक में अमेरिका ने दुनियाभर के नेताओं के सामने पाकिस्तान से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को कहा था। FATF की बैठक में पाकिस्तान ने दुनिया के सामने आतंकी संगठनों के खिलाफ जो एफआईआर पेश किया है, वह पूरी तरह दिखावे वाला कदम प्रतीत होता है। 

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FIR में जो तारीख पड़ी है उसके मुताबिक इसे 1 जुलाई को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के संगठन दावा-वल-इरशाद पर गलत तरीके से जमीन हड़पने का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि कानून के जानकारों का कहना है कि ये FIR कानूनन सही तरीके से दर्ज ही नहीं की गई। 

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FIR में लश्कर चीफ हाफिज सईद का नाम नहीं
इस FIR में कहीं पर भी लश्कर चीफ हाफिज सईद का नाम नहीं दर्ज किया गया है। वहीं इसमें हाफिज के साथ ही आतंकी संठगन लश्कर-ए-तैयबा को संचालित करने वाले अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मालिक जाफर इकबाल के नाम का भी जिक्र नहीं किया गया है। FIR में इस बात का जिक्र नहीं है कि लश्कर के आतंकी इस जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए करने जा रहे थे। 

FATF की ग्रे सूची में शामिल है पाकिस्तान
पाकिस्तान जून, 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF की ग्रे सूची में है। FATF की अंतिम बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयोजित हो सकती है। इसमें पाकिस्तान को ग्रे सूची से बाहर करने या इसे ग्रे सूची में रखने या ब्लैक लिस्ट करने से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाना है। 

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इस्लामाबाद में तैनात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रतिनिधि टेरीजा सांचेज ने कहा था कि अगर पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट यानी निगरानी सूची से बाहर नहीं निकला तो हाल में स्वीकृत लोन खतरे में पड़ जाएगा। 

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