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पाकिस्तान को लगा एक और बड़ा झटका, टेरर फंडिंग रोकने में नाकाम होने पर FATF ने डाला ब्लैक लिस्ट में

संजीवनी टुडे 23-08-2019 17:01:41

क एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के 10 मानकों को पूरा करने में नाकाम साबित हुआ है।


नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 हटने के बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ओर से संदिग्ध सूची में डाले जाने के बाद पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। 

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फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एफएटीएफ एपीजी) ने अब पाकिस्तान को उसके मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण ब्लैक लिस्ट कर दिया है। पाक एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के 10 मानकों को पूरा करने में नाकाम साबित हुआ है। 

एपीजी की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अपने कानूनी और वित्तीय प्रणालियों के लिए 40 मानकों में से 32 को पूरा करने में विफल रहा है। इसके अलावा टेरर फंडिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों के लिए 11 मापदंडों में से 10 को पूरा करने में पाकिस्तान विफल साबित हुआ है। अब पाकिस्तान अक्टूबर में ब्लैक लिस्ट हो सकता है, क्योंकि एफएटीएफ की 27-पॉइंट एक्शन प्लान की 15 महीने की समयावधि इसी साल अक्टूबर में खत्म हो रही है। 

बता दें कि एपीजी पूरी दुनिया में आतंकवाद को होने वाली फंडिंग पर निगाह रखता है और इस उस आधार अपनी रिपोर्ट एफएटीएफ को सौंपता है। इसके बाद ही एफएटीएफ संबंधित देश पर कार्रवाई करते हुए उसको काली सूची में डालता है। यहां पर ये भी बता दें कि एफएटीएफ ने फिलहाल पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डाल रखा है। ग्रे लिस्‍ट में डालने का अर्थ इस तरह से भी समझा जा सकता है कि एफएटीएफ ने माना है कि पाकिस्‍तान आतंकवाद को फंडिंग कर रहा है, लेकिन उसको इस पर कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कुछ समय दिया गया था। इस दौरान चेतावनी स्‍वरूप उसको ग्रे लिस्‍ट में शामिल किया गया है। लेकिन अब जबकि एपीजी ने पाकिस्‍तान को काली सूची में डाल दिया है तो उसका एफएटीएफ द्वारा इस पर ही मुहर लगाना तय माना जा रहा है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ऑस्ट्रेलियाई शहर कैनबरा में बैठक हो रही है। यहां पाकिस्तान से जुड़ी म्युचुअल इवेल्यूशन रिपोर्ट (MER) पेश होने के बाद स्वीकार की जानी है। इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स को अनुपालन रिपोर्ट सौंपी। इसमें 27 सूत्री कार्ययोजना (एक्शन प्लान) का उल्लेख है। 

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नौ देशों के इस क्षेत्रीय संगठन एपीजी में पाकिस्तान 40 पैमानों में करीब तीन दर्जन पैमानों में नाकाम रहा है। इसके अलावा 11 ‘प्रभावकारी’ पैमानों पर भी पाकिस्तान 10 में फिसड्डी साबित हुआ है। 

पाकिस्तान को एमईआर और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स एक्शन प्लान, दोनों मोर्चों पर असरदार अनुपालन दिखाना है। अक्टूबर में FATF  के पूर्ण सत्र में पाकिस्तान के मामले की अंतिम समीक्षा की जाएगी। 

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बता दे कि , अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड के दबाव के बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) पाकिस्तान को जून 2018 से संदिग्ध सूची में डाल चुका है।  एपीजी की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य पाए जाने के बाद अक्टूबर 2019 से उसे नकारात्मक रडार पर रखा जाएगा। इसके मायने हैं कि पाक के लिए दिक्कतें और बढ़ेंगी। वो संदिग्ध सूची में बना रहेगा और उसे संभवत: काली सूची में डालने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

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