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पाकिस्तान की फिर हुई बेइज्जती, संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर मुद्दे पर ठुकराई मध्यस्थता की अपील

संजीवनी टुडे 11-09-2019 19:11:10

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मालेहा लोधी ने सोमवार को यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर मध्यस्थता की अपील की थी।


नई दिल्ली। कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की एक बार फिर बेइज्जती हुई है। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर पर मध्यस्थता की गुहार लेकर पहुंचे पाकिस्तान की मांग को ठुकरा दिया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने साफ तौर पर कहा है कि इस मुद्दे पर हमारे स्टैंड में कोई बदलाव नहीं होगा। कश्मीर मुद्दे को दोनों देश आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं।

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दरअसल, कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मालेहा लोधी ने सोमवार को यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर मध्यस्थता की अपील की थी। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की तरफ से मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि कश्मीर पर मध्यस्थता पर हमारी स्थिति पहले की तरह ही है। यूएन महासचिव ने भारत और पाकिस्तान को बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे से निपटने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'बातचीत से सुलझे मुद्दा'
संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर पर जारी तनाव पर स्पष्ट कहा कि दोनों देशों को शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे का समाधान ढूंढ़ना चाहिए। दोनों ही देशों को बातचीत के जरिए कश्मीर का हल ढूंढ़ना होगा। बता दें कि भारत का स्पष्ट पक्ष है कि कश्मीर का मुद्दा द्विपक्षीय है और इसमें किसी प्रकार की मध्यस्थता या किसी तीसरे पक्ष का दखल भारत को स्वीकार नहीं है।

आपको बता दें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले महीने फ्रांस में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, इसके अलावां उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी बात की थी। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान को किसी भी तरह के आक्रामक रवैये से बचना चाहिए और दोनों देशों को बातचीत से मुद्दे को सुलझाना चाहिए।

यूएन महासचिव की का बयान तब आया जब पाकिस्तान ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 42वें सत्र में इस मुद्दे को उठाया। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा है कि जब दोनों पक्ष इसके लिए राजी होंगे तभी मध्यस्थता को लेकर विचार किया जाएगा। हालांकि, भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर मुद्दा एक आंतरिक मामला है और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

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गौरतलब है कि 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया है भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया है।

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