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अब चीन को 'केमिकल' झटका देने की तैयारी में भारत, जानें पूरा मामला

संजीवनी टुडे 18-09-2020 14:29:31

भारत का पड़ोसी देश चीन संग सीमा पर जारी तनातनी के बीच भारत सरकार चीनी आयात पर निर्भरता कम करने हेतु हरसंभव कोशिश कर रही है।


नई दिल्ली। भारत का पड़ोसी देश चीन संग सीमा पर जारी तनातनी के बीच भारत सरकार चीनी आयात पर निर्भरता कम करने हेतु हरसंभव कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में सरकार अब केमिकल्स के मामले में चीन से आयात को कम करने हेतु व्यापक योजना तैयार कर रही है।

सूत्रों बताते है कि कुछ महत्वपूर्ण केमिकल्स के उत्पादन में वृद्धि करने हेतु प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) स्कीम शुरू की जा सकती है। इन केमिकल्स का उपयोग फार्मा सेक्टर, कीटनाशनक एवं दूसरे अहम उद्योगों में होता है।

कुछ ही दिन पहले इस बारे में एक के बाद एक कई बैठकें हुईं। डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल्स ने लगभग 75 अहम केमिकल्स की पहचान की है तथा फ़िलहाल इस सूची में रसायन जुड़ सकते हैं। इनसेंटिव स्कीम के तहत प्रोडक्शन वैल्यू का 10 प्रतिशत इनसेंटिव के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस प्रस्ताव की माने तो इस योजना के तहत अगले 5 वर्ष में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

चीन से 90 प्रतिशत आयात 
एक अधिकारी की माने तो हिंदुस्तान 1.5 लाख करोड़ रुपये के केमिकल्स का आयात करता है जिसमें से 85 से 90 प्रतिशत चीन से आता है। इन केमिकल्स का उपयोग फार्मा उद्योग हेतु कच्चा माल बनाने, कीटनाशक बनाने और दूसरी इंडस्ट्रियल प्रोसेसेज में किया जाता है।

एक सीनियर अधिकारी की माने तो कि केमिकल्स का उपयोग दवा के साथ-साथ कई उद्योगों में होता है। हमने फार्मा एपीआई तैयार करने हेतु पहले ही एक पीएलआई स्कीम प्रारम्भ कर दी है। 

फिर हमें लगा कि एपीआई तैयार करने हेतु कुछ प्रमुख केमिकल्स का अब भी चीन से आयात हो रहा है। इसलिए इस योजना की आवश्यकता महसूस की गई। डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल्स ने इस संबंध में एक समिति का भी गठन किया है एवं शीघ्र ही डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर को इस बारे में फाइनल प्रपोजल भेजा जाएगा। तत्पश्चात इसे मंजूरी हेतु मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। 

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