संजीवनी टुडे

भारत–पाक हवाई क्षेत्र बंद होने से कई हजार करोड़ रुपये का नुकसान , कई एयरलाइंस बंद

संजीवनी टुडे 10-06-2019 18:33:14

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले 26 फरवरी, 2019 को बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद बढ़े तनाव के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही एक – दूसरे के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिये थे। इस बीच इसे केवल एक बार मई में दोनों देशों ने विदेश मंत्रियों के लिए खोले थे। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 13 जून को शंघाई सहयोग संगठन  की बैठक के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाना है तो भारत सरकार ने पाकिस्तान से हवाई क्षेत्र खोलने और प्रधानमंत्री मोदी को रूट देने का आग्रह किया है ताकि वह पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के रास्ते मात्र चार घंटे में बिश्केक जा सकें। यदि पाकिस्तान राजी नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री मोदी को घूम कर  जाना पड़ेगा, जिसमें लगभग दो गुना समय लगेगा।

उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए  पाकिस्तान इजाजत दे देगा। उसने 21 मई को तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को विश्केक यात्रा के लिए अपने हवाई क्षेत्र से होकर जाने की इजाजत दी थी। उसने अभी तक भारत के लिए अपने 11 में से मात्र दो रूट ही खोले हैं। इसके कारण भारतीय हवाई जहाजों को पाकिस्तान के उत्तरी हवाई क्षेत्र से उड़कर जाना - आना पड़ रहा है । इन रूट से समय ज्यादा  लग रहा है और खर्च बहुत बढ़ जा रहा है। इसको लेकर मध्य एशिया में पढ़ रहे, व्यवसाय कर रहे, पर्यटन पर जाने वाले भारतीयों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि दोनों देशों के बड़े नेताओं की यात्रा के लिए हवाई क्षेत्र खोले जा रहे हैं, आम नागरिकों के लिए नहीं। इससे बहुत नुकसान हो रहा है।

एक ट्रेवल एजेंसी के प्रबंधक का कहना है कि भारत – पाक द्वारा एक दूसरे के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर देने के कारण दुबई की फ्लाइट बहुत मंहगी हो गई हैं। दुबई के लिए जो टिकट 10 से 15 हजार रुपये में मिलता था, वह बढ़कर 50 हजार रुपये तक हो गया है। दिल्ली के एक कारोबारी, जिनका व्यवसाय मध्य एशिया में है और उनको वहां के देशों में लगातार जाना पड़ता है, का कहना है कि पाकिस्तान और भारत ने एक – दूसरे के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद किये हैं। हालांकि इससे पाकिस्तान को जो नुकसान हो रहा है उससे लगभग 4 गुना अधिक नुकसान भारत को हो रहा है, क्योंकि पाकिस्तान से जो फ्लाइट भारत के हवाई क्षेत्र से सिंगापुर, मलेशिया व ऐसे  ही कुछ अन्य देशों को जाती हैं, उन्ही में पाकिस्तानियों को परेशानी होती है जबकि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर भारत से अधिसंख्य फ्लाइट मध्य एशिया के देशों में जाती हैं। यहां से जाने और यहां आने वाले यात्री भी बहुत होते हैं। इसलिए भारत को आर्थिक मोर्चे पर बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है।

ट्रेवल - टूरिज्म व भारतीयों को भारी नुकसान
एक विदेशी ट्रेवल एजंसी के कर्मचारी का कहना है कि इसके कारण दिल्ली से काबुल जाने व आने वाली अफगानिस्तान की कापियर एयरलाइन्स बंद हो गई है। तजाकिस्तान की ताजिक एयर लाइन्स, किर्गिस्तान की एयर मानस, कजाकिस्तान की एयर अस्ताना बंद हैं। तुर्किस्तान एयर लाइन्स और उजबेकिस्तान एयरलाइन्स घूम कर जा रही हैं। उनका किराया बहुत अधिक पड़ रहा है। इनका कहना है कि मध्य एशिया के देशों में लगभग 6000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं, जो वहां ईद की छुट्टी के चलते भारत आना चाहते थे। वे पहले 10 हजार रुपये में भारत आ जाते थे लेकिन इस बार फंस गये हैं। इनमें जिनकी बहुत मजबूरी है, वे 50 से 60 हजार रुपये का हवाई जहाज का टिकट लेकर दूसरे रूट से आ रहे हैं। इसके चलते भारतीय विद्यार्थियों व उनके परिजनों में बहुत नाराजगी है। किर्गिस्तान में भारतीय विद्यार्थी वहां भारतीय दूतावास का घेराव कर रहे हैं। एक अन्य ट्रेवल एजेंसी में काम करने वाले राम प्रसाद का कहना है कि मई – जून में भारत से  5000 से अधिक पर्यटक कजाकिस्तान के शहर आलमाटी जाते हैं। इसी तरह से इस्ताम्बुल, मास्को (रूस), बांकू (अजरवेजान), टीब्लूसी (जार्जिया) जाते हैं । इस बार ज्यादातर बुकिंग रद्द करनी पड़ी है। इस हालत को देखते हुए भारत सरकार को अब पहल करके पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए और दोनों को अपने हवाई क्षेत्र खोलने चाहिए। केवल विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के लिए खोलने या खुलवाने से सबको अचरज हो रहा है।

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