संजीवनी टुडे

परमाणु गतिविधियों को बढ़ाना जारी रखेंगे : ईरान

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 08-11-2019 20:55:33

ईरान ने कहा है कि परमाणु समझौते के प्रावधानों के तहत किए गए वायदों का उल्लंघन कर फोरडो परमाणु संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू करना इस समझौते से जुड़े हुए अन्य देशों के लिए एक चेतावनी है।


तेहरान। ईरान ने कहा है कि परमाणु समझौते के प्रावधानों के तहत किए गए वायदों का उल्लंघन कर फोरडो परमाणु संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू करना इस समझौते से जुड़े हुए अन्य देशों के लिए एक चेतावनी है।

यह खबर भी पढ़ें: अयोध्या फैसले से पहले प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश, असमाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी

ईरान का कहना है कि परमाणु समझौते से जुड़े अन्य देशों को उसके हितों की रक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
ब्रिटेन में ईरान के राजदूत हामिद बेइदिनेजाद ने शुक्रवार को प्रेस टीवी से कहा, “ फोरडो परमाणु संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अन्य पक्षों के लिए एक चेतावनी है कि ईरान संकट का सामना कर रहा है।”

बेइदिनेजाद ने कहा कि जब तक परमाणु समझौते के तहत ईरान को आर्थिक लाभ नहीं मिलते तब तक प्रत्येक दो माह के बाद ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को बढ़ाना जारी रखेगा। हम उम्मीद करते हैं कि इससे परमाणु समझौते के सभी पक्षों अपने वायदों को लागू करेंगे।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से घोषित किया कि फोरडो परमाणु संयंत्र में यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (यूएफ6) का संवर्धन दोबारा शुरू कर दिया गया है। एईओआई के प्रवक्ता बेहरोज कमलवंडी ने कहा है कि (यूएफ6) के संवर्धन पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) निगरानी रखे हुए है।

ईरान ने बुधवार को नटांज परमाणु संयंत्र से दो हजार किलोग्राम (यूएफ6) यूरेनियम फोरडो परमाणु संयंत्र में भेजा गया है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को कहा था कि ईरान परमाणु समझौते के तहत अपने वायदों को और कम करेगा।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपत डोनाल्ड ट्रम्प ने गत वर्ष मई में ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते बहुत ही तल्ख हो गये हैं। इस परमाणु समझौते के प्रावधानों को लागू करने को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका ने ईरान पर कई प्रकार के प्रतिबंध भी लगाए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जतायी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From world

Trending Now
Recommended