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भारत के चक्रव्यूह में फंसता जा रहा है भारत, गिड़गिड़ाहट में दे रहा युद्ध की धमकी

संजीवनी टुडे 17-09-2020 12:55:21

चीन भारतीय सैनिकों को चीनी सेना भारतीय सेना के खिलाफ पैंगोंग त्सो में मनोवैज्ञानिक हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है।


लद्दाख। लद्दाख समेत समूची LAC पर भारत की जबरदस्त जवाबी तैयारी से चीन को सूझ नहीं रहा है कि वह अब क्या कदम उठाए? यही कारण है कि पूर्वी लद्दाख में हजारों फुट ऊंची चोटियों पर फतह हासिल करके चीनी घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब देने वाले भारतीय सैनिकों के मनोबल को तोड़ने के लिए चीन अब एक और गंदी चाल चल रहा है।

चीन भारतीय सैनिकों को चीनी सेना भारतीय सेना के खिलाफ पैंगोंग त्सो में मनोवैज्ञानिक हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही चीन ने एलएसी पर तैनात पीएलए सैनिकों को अपने प्रियजनों को 'अलविदा पत्र' लिखने का आदेश दिया है।  

Indo-China border dispute

लेकिन भारतीय सेना लद्दाख में ठंड के वक्त किसी सामरिक स्थिति के पैदा होने पर मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार है। अगर चीन ने युद्ध के लिए स्थितियां बनाईं तो वे बेहतर प्रशिक्षित, बेहतर तरीके से तैयार और मनोवैज्ञानिक रूप से कठोर भारतीय सैनिकों का सामना करेंगे। भारतीय वायुसेना भी देश के पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भाग में पूरी तरह अलर्ट है। 

वहीं, कभी अपने मंत्रियों के जरिए शांति की बात कर रहा है तो वहीं अपने सरकारी मीडिया तंत्र ग्लोबल टाइम्स के जरिए भारत का मजाक उड़ाकर खुद को तसल्ली देने में लगा है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को भारत से आग्रह किया कि अपने आक्रामक रवैये में कमी लाए और बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को डिस-एंगेज करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द बहाल करे।  

Indo-China border dispute

इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, 'चीन-भारत सीमा विवाद की जिम्मेदारी चीन के ऊपर नहीं है। भारत की तरफ से समझौते और दोनों पक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमतियों का उल्लंघन हुआ। भारत ने उकसाने के लिए पहले अवैध तरीके से सीमा का अतिक्रमण किया, सीमाई इलाके में जमीनी हालात बदले और सीमा पर तैनात चीनी सैनिकों के सामने खतरा पैदा किया।'

वांग वेनबिन का यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से लोकसभा में चीनी सीमा को लेकर विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद आया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि चीन एलएसी पर अपने हिंसक व्यवहार से द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन कर रहा है। बहरहाल, दोनों देशों के बीच सीनियर कमांडर लेवल की बातचीत भी चल रही है। इनकी अगली मीटिंग की तारीख नहीं हुई है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तत्काल दोनों सेनाएं अपनी-अपनी पॉजिशन पर डटी हुई है। वो न आगे बढ़ रही हैं और न पीछे।

Indo-China border dispute

मामले को लेकर रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के ये सब तरीके साइक्‍लोजिकल वारफेयर का हिस्सा हैं। वह एक ओर तो डिसएंगेजमेंट की मांग कर रहा है, वहीं अपनी तैयारियां भी लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन उसकी इन थोथी रणनीतियों का भारतीय सेना पर कोई असर नहीं हो रहा है और वह चट्टान की तरह सीमा पर डटे रहकर उसकी कमजोरी और ताकत की थाह ले रही है। 

सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त सैन्य एवं कूटनीतिक बातचीत को लेकर चर्चा हो रही है लेकिन दोनों पक्षों को मीटिंग की अगली तारीख तय करनी है। चीनी प्रवक्ता ने बुधवार को यह भी कहा कि चीन ने हमेशा संबंधित समझौतों का पालन किया है और हम भारत से सटी सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रखने को प्रतिबद्ध हैं।

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