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शोध में खुलासा/ पहले से ज्यादा खतरनाक होता है मरीज पर कोरोना का दूसरा अटैक, जानिए क्या कहता है रिसर्च

संजीवनी टुडे 26-09-2020 12:58:39

यह अध्ययन संभवत पूरी दुनिया का पहला अध्ययन है, नतीजे और भी चौंकाने वाले हैं।


नई दिल्ली। दुनियाभर में कोहराम मचा रहे कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के कोने कोने में रिसर्च जारी है। इसी बीच एक चौकने वाला शोध सामने आया है।मुंबई में चार हेल्थ वर्कर्स को एक बार कोरोना ठीक होने के बाद फिर से हुआ। चारों हेल्थ वर्कर्स में यह बात देखने को मिली कि दूसरी बार उनका संक्रमण ज्यादा गंभीर स्थिति में था। 

Corona Virus research

यह बात द लैंसेट मेडिकल जर्नल की वेबसाइट में कही गई है। फिर से कोविड-19 संक्रमित हुए चार हेल्थ वर्कर्स में तीन डॉक्टर थे जो बीएमसी के नायर अस्पताल में काम करते हैं। वहीं चौथा हिंदुजा अस्पताल में स्वास्थ्य कार्यकर्ता है। अध्ययन में यह दावा किया गया है कि दोबारा संक्रमण पहले से कहीं ज्यादा घातक हो सकता है। 

Corona Virus research

यह अध्ययन संभवत पूरी दुनिया का पहला अध्ययन है, नतीजे और भी चौंकाने वाले हैं। यह रिसर्च दो अस्पतालों इंस्टिट्यूट ऑफ जिनोमिक्स ऐंड इंट्रिग्रेटिव बयॉलजी और इंटरनैशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजिनियरिंग ऐंड बायोटेक्नॉलजी दिल्ली ने मिलकर की। रिसर्च के दौरान चार सैंपल पहली बार कोरोना संक्रमित मरीजों के और चार सैंपल दूसरी बार संक्रमित मरीजों के लिए गए।

Corona Virus research

रिसर्च में शामिल नायर हॉस्पिटल की डॉ. जयंती शास्त्री और आईसीजीईबी की डॉ. सुजाता सुनील ने बताया कि आठों जीनोम में 39 म्यूटेशन पाए गए। इस दौरान देखा गया कि जो चार हेल्थ वर्कर्स दूसरी बार संक्रमित हुए थे उनमें ज्यादा गंभीर लक्षण थे जो पहली बार संक्रमण में नहीं थे। डॉ. सुजाता ने बताया कि हेल्थ वर्कर्स लगातार कोरोना वायरस मरीजों के संपर्क में रहते हैं और उन्हें दूसरी बार संक्रमण होने का खतरा ज्यादा है।

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