संजीवनी टुडे

पैंगोलिन में कोरोना से मेल खाते वायरस मिलने की हुई पुष्टि

संजीवनी टुडे 27-03-2020 12:32:07

26 मार्च को जर्नल नेचर में प्रकाशित हुए एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि कोविड-19 से मिलता-जुलता कोरोना वायरस पैंगोलिन जानवर में मौजूद है। चीन की साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कुछ समय पहले ही कहा था कि कोरोना वायरस के लिए पैंगोलिन जिम्मेदार है।


नई दिल्ली। दुनिया भर में हजारो लोगो की जान ले चूका कोरोना वायरस इंसानों में कैसे फैला, दुनिया भर के वैज्ञानिक इस पहेली को सुलझाने में जुटे हुए हैं। शुरुआत में कहा गया कि सांप और चमगादड़ का सूप पीने की वजह से कोरोना वायरस फैला। अब चीनी वैज्ञानिकों ने पैंगोलिन में ऐसे वायरस मिलने की पुष्टि कर दी है, जो पूरी दुनिया में बर्बादी फैला रहे कोरोना वायरस से मिलता-जुलता है। 26 मार्च को जर्नल नेचर में प्रकाशित हुए एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि कोविड-19 से मिलता-जुलता कोरोना वायरस पैंगोलिन जानवर में मौजूद है। चीन की साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कुछ समय पहले ही कहा था कि कोरोना वायरस के लिए पैंगोलिन जिम्मेदार है। उनका दावा था कि इंसानों में संक्रमण फैलने की वजह पैंगोलिन है. उनका कहना था कि कोरोना वायरस चमगादड़ से पैंगोलिन और फिर पैंगोलिन से इंसान में पहुंचा. हालांकि, तब दुनियाभर के विशेषज्ञों ने रिसर्च पर सवाल उठाए थे। 

नेचर जर्नल में प्रकाशित एक नए शोधपत्र के मुताबिक, पैंगोलिन का जेनेटिक डेटा दिखाता है कि इन जानवरों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।  इनकी बाजारों में बिक्री पर कड़ी पाबंदी लगाई जानी चाहिए। एक अंतरराष्ट्रीय टीम का कहना है कि भविष्य में ऐसे संक्रमण टालने के लिए सभी जंगली जीवों की बाजारों में बिक्री पर रोक लगाई जानी जरूरी है। पैंगोलिन ऐसा स्तनधारी जीव है, जिसकी खाने और पारंपरिक दवाइयां बनाने के लिए सबसे ज्‍यादा तस्करी होती है।  शोधकर्ताओं का कहना है कि चीन और दक्षिणपूर्व एशिया के जंगलों में पाए जाने वाले पैंगोलिन की अतिरिक्त निगरानी से कोरोना वायरस के उभरने में उनकी भूमिका और भविष्य में इसांनों में उनके संक्रमण के खतरे के बारे में पता लग सकेगा। ये जीव चींटियां खाता है। दुनिया भर में सबसे अधिक तस्करी के कारण ये जीव विलुप्त होने की कगार पर है। चीन में पैंगोलिन की खाल से स्किन और गठिया से जुड़ी दवाइयां बनाई जाती हैं। कुछ लोग इसके मांस को स्वादिष्ट मानते हैं। 

आपको बतादें कि इसे समझने के लिए गुआंगझू की साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 1,000 जंगली जानवरों के सैंपल लिए।  शोधकर्ता शेन योंगी और जिओ लिहुआ का दावा है कि मरीजों से लिए गए सैंपल में मौजूद कोनोरावायरस और पैंगोलिन का जीनोम सिक्वेंस 99% मेल खाता है। 

आपको बतादें कि पहले चीन के शोधकर्ताओं की रिसर्च पर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वेटिनरी मेडिसिन साइंस के प्रोफेसर जेम्स वुड ने कहा था कि जीनोम सिक्वेंस के आधार पर वायरस की पुष्टि करना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि 99 फीसदी जीनोम सिक्वेंसिंग की वजह संक्रमित माहौल भी हो सकता है। इस पर और अधिक रिसर्च की जरूरत है। इसके बाद चीन के शोधकर्ताओं ने रिसर्च को आगे बढ़ाया। अब नए नतीजे से काफी हद तक साफ हो गया है कि इसी जीव के कारण कोरोना वायरस फैला है। चाइना बायोडाइवर्सिटी कंजर्वेशन एंड ग्रीन डेवलपमेंट फाउंडेशन के मुताबिक, चीन में 200 से ज्यादा दवा कंपनियां और 60 पारंपरिक दवा ब्रांड पैंगोलिन के शल्क से दवाएं बनाते हैं।

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