संजीवनी टुडे

बांग्लादेश प्रशासन ने 382 रोहिंग्या मुसलमानों को हिरासत में लिया

संजीवनी टुडे 16-04-2020 17:51:56

बांग्लादेश प्रशासन ने गुरुवार को कहा है कि उन्होंने अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के 382 सदस्यों को हिरासत में लिया है।


ढाका। बांग्लादेश प्रशासन ने गुरुवार को कहा है कि उन्होंने अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के 382 सदस्यों को हिरासत में लिया है। ये लोग समुद्र के रास्ते दक्षिणी तट से नाव के जरिए देश में प्रवेश करने का प्रयास कर रह थे।

तटरक्षक बल के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर हमीदुल इस्लाम ने बताया कि इनमें से ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में स्थित रोहिंग्या कैंप छोड़कर चले गए थे और मलेशिया जाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह वहां और किसी भी अन्य जगह पर प्रवेश करने में विफल रहे और इन लोगों ने वापस आने का निर्णय लिया।

इस्लाम ने बताया कि ‘बीती रात हमने इन लोगों को हिरासत में लिया है। नांव में 382 लोग स्वार थे और यह लोग बांग्लादेश में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इन लोगों ने हमे बताया कि यह लोग 2 महीने पहले बांग्लादेश छोड़कर चले गए थे और मलेशिया के लिए निकले थे, इस दौरान रोस्त में म्यांमार के अराकान से कुछ रोहिंग्या मुसलमान भी इनके साथ जुड़ गए।‘

इस्लाम ने यह भी बताया कि अधिकारियों को यह भी पता लगा है कि इस दौरान खाने और पानी की कमी के कारण 28 लोगों की जान चली गई और इनके शव पानी में बहा दिए गए।

यूएन हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजीस (यूएनएचसीआर) के कार्यालय की ओर से स्थानीय अधिकरियों को पोत पर सवार रोहिंग्या को मदद करने के लिए धन्यवाद दिया गया है।

यूएनएचसीआर की प्रवक्ता लूसी डोनोवन ने मीडिया को बताया कि ये पुरुष, महिलाएं और बच्चे लगभग 2 महीनों से कष्टदायक स्थिति में समुद्र में ही थे इस दौरान कई लोग कुपोषित और पानी की कमी का शिकार हो गए।

डोनोवन ने स्थानीय मीडिया रिपोर्ट का खंडन भी किया है जिसमें बताया गया है कि यह लोग कोरोना से संक्रमित हैं और सभी दावों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है कि इन लोगों को क्वारटीन किए जाए। जहां पर इनकी जांच हो सके और इन्हे इलाज भी मिल सके।

हालांकि  अभा तक बांग्लादेश के रोहिंग्या शिविर से कोरोना का कोई मामले दर्ज नहीं हुआ है। अभी तक कॉक्स बाजार क्षेत्र से एक महिला जो 65 साल की है, संक्रमित पाई गई है और वह अब ठीक भी हो गई है।

उल्लेखनीय है कि म्यांमार में हिंसा की लहर के बाद लगभग 738,000 रोहिंग्या शर्णार्थी बांग्लादेश स्थित शिविरों में 25 अगस्त 2017 से रह रहे हैं।  बिना दस्तावेजों के रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर को बेहतर जीवन की तलाश में दूसरे देशों तक पहुंचने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

इससे पहले फरवरी में ये लोग नांव में सवार होकर मलेशिया जा रहे थे लेकिन बांग्लादेश में नांव डूबने के कारण 15 रोहिंग्यों की मौत हो गई थी।

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