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एसपी की देखरेख में तीन माह में सिपाही प्रवीण प्रकरण की होगी विवेचना पूरी

संजीवनी टुडे 06-08-2020 20:53:25

एसपी की देखरेख में तीन माह में सिपाही प्रवीण प्रकरण की होगी विवेचना पूरी


बड़ौत। बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के टीकरी पुलिस चौकी पर सिपाही प्रवीण की कथित मौत के मामले में पीड़ित परिजनों की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए एसपी की देखरेख में तीन माह में निष्पक्ष विवेचना करने के आदेश दिए है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सतेंद्र कुमार दांघड का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो अदालत की शरण ली गई थी। सीजेएम कोर्ट बागपत ने गत 11 फरवरी को मुकदमा दर्ज करने के तत्कालीन दोघट थाना प्रभारी को आदेश जारी कर दिए थे। थाना में एक सप्ताह बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। बड़ौत सीओ केस की विवेचना कर रहे हैं। 

मुकदमा दर्ज होने के एक माह तक वादी व गवाहों के धारा 161 सीआरपीसी के तहत बयान अंकित नहीं किए गए तो पुलिस अधीक्षक व अन्य उच्चाधिकारी से शिकायत की गई। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में केस की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई कर आदेश दिए कि बागपत एसपी की देखरेख में तीन माह के अंदर केस की निष्पक्ष विवेचना की जाए। एफआइआर व अन्य संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन किया जाए। वादी या न्यायालय प्रगति रिपोर्ट मांगते है तो उनको अवगत कराया जाए।

उल्लेखनीय है कि कस्बा टीकरी चौकी पर गत 31 अक्टूबर 2019 को सिपाही प्रवीण कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि सिपाही ने तत्कालीन एसआइ भगवत सिंह की सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या की है। जबकि सिपाही के पिता राजेंद्र सिंह व भाई सोवेंद्र निवासी गांव तरारा (अमरोहा) का कहना है कि प्रवीण की हत्या एसआइ भगवत सिंह ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से की है। घटना की साजिश में हेड कांस्टेबल सत्यप्रकाश शर्मा और निजी महिला रसोईया पदमावती भी शामिल है। 

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