संजीवनी टुडे

पूर्वांचल की आस्था का केंद्र मां शीतला के दरबार में लगी भक्तों की भीड़

संजीवनी टुडे 24-10-2020 10:41:44

पूर्वांचल के लोगों की आस्था का केंद्र मां शीतला चौकिया धाम में नवरात्र के दौरान दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी हुई है।


जौनपुर। पूर्वांचल के लोगों की आस्था का केंद्र मां शीतला चौकिया धाम में नवरात्र के दौरान दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी हुई है। माता शीतला चौकिया का दर्शन पूर्वांचल के लोंगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अगर किसी को मां विन्ध्यवासिनी का दर्शन करना है तो उसके पहले मां शीतला का दर्शन जरूरी है। उसके बाद ही मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन का महत्व है। लोगों की आस्था इस बात से भी देखी जा सकती है कि दिल्ली, मुम्बई जैसी जगहों से यहा मां के दर्शन को श्रद्धालु खींचे चले आते हैं। वहीं आज भी सुबह से ही भक्तों की भीड़  शीतला चौकिया के दर्शन को कतार लगाए खड़ा हो गई। माता की एक झलक पाने के लिए लोग लालायित रहे। 

माता का दर्शन करने मुम्बई से आई श्रद्धालु अभिजिता ने बताया कि माता के दर्शन करने वालो भक्तों को मां कभी खाली नहीं भेजती। लोग अपनी अपनी मनोकामनाएं लेकर दरबार में आते हैं और उनकी सारी मनोकामनाए पूरी होती हैं।माता के दर्शन को पहुंची प्रिया और प्रीति ने बताया कि उनकी कोई औलाद नहीं थी और उन्होंने मां शीतला से मन्नत मांगी और उनको सन्तान की प्राप्ति हुई, जिसका मुंडन कराने के लिए वो माता के दरबार में आई हैं। 

इसी प्रकार आनंद तिवारी पंडा ने बताया कि हजारों साल पुराने इस पौराणिक मंदिर में हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और माता के दरबार में कढ़ाई चढ़ाते हैं और बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराते हैं। ऐसी मान्यता है कि मंदिर के पास बने तालाब में नहाने से कुष्ठ जैसे रोग से छुटकारा मिल जाता है। अगर आप को मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन को जाना हो तो उससे पहले जौनपुर की माता शीतला चौकिया के दर्शन जरुरी है। माता के दर्शन कर लेने के बाद श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा के सफल होने की गारन्टी मिल जाती है। इसीलिए वाराणसी, सोनभद्र, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के जिले से श्रद्धालू जब मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन को निकलते हैं तो पहले माता शीतला के दर्शन कर के ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं। 

नवरात्र के पहले दिन ही जिले के तमाम आलाधिकारी भी मां के दरबार में मत्था टेकते हैं यहां तक की जिले का कोई भी व्यक्ति यदि चुनाव लड़ता है तो पहले माता रानी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाकर ही आगे की प्रक्रिया करता है। इस वर्ष कोरोना महामारी के बाद भी भक्तों की भीड़ यहां कम नहीं हुई है और मां के दरबार में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग दर्शन कर रहे हैं। स्थानीय निवासी सतीश माली, राज माली, रोशन श्रीवास्तव, संजय गुप्ता आदि ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी का मां के दरबार में कोई फर्क नहीं पड़ता। आज तक यहां कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं निकला यह माता रानी की कृपा है।

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