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खेतों की पलेवट शुरू, किसान कर रहे गेहूं की फसल बुआई की तैयारी

संजीवनी टुडे 24-11-2020 15:25:44

रबी की फसल बोने का मौसम आते ही किसानों ने खेतों की पलेवट करने की शुरुआत कर दी है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते यह काम थोड़ा देरी से जरूर हो रहा है।


कानपुर देहात। रबी की फसल बोने का मौसम आते ही किसानों ने खेतों की पलेवट करने की शुरुआत कर दी है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते यह काम थोड़ा देरी से जरूर हो रहा है। पर उस बारिश ने किसानों के सूखे खेतों में नमी पहुचाने का काम किया है। ज्यादातर किसान इस मौसम और ऋतु में गेहूं की फसल बोने का काम करने वाले हैं। 

शीत ऋतु आते ही खेतों में नमी आ जाती है और इस दौरान रबी की फसल बोने के लिए किसान अपनी तैयारी शुरू कर देते हैं। रबी की फसल को अक्टूबर से नवम्बर के महिनों में बोया जाता है। भोगनीपुर में रहने वाले किसान देशराज ने बताया कि रबी की फसल को बोने के लिए नमी दार खेत और मौसम में कम तापमान चाहिए होता है। बीते दिनों हुई बारिश ने खेतों में नमी कर दी है। 

वहीं, किसान बताते हैं कि जब इन फसलों को काटने का समय आता है तब तक मौसम गर्म हो जाता है और ऐसा ही मौसम इन फसलों के लिए आवश्यक भी होता है। रसूलाबाद के रंजीत ने बताया कि रबी की फसलों में मूलतः गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि की फसलें किसान खेतों में लगाते हैं। वहीं अगर इन फसलों में ज्यादा पैदावार की बात की जाए तो जनपद में 70 फीसदी से ज्यादा किसान अपने खेतों में गेहूं बोते हैं। वहीं जनपद के ऐसे इलाकों की बात की जाए जहां पानी की कमी है वहां के किसान पानी की कमी के चलते चना और मसूर को बोना पसन्द करते हैं। 

खेतों में शुरू हुई पलेवट 
किसानों ने रबी की फसलों को बोने के लिए खेतों में पलेवट का काम शुरू कर दिया है। कई किसानों ने तो पहले ही अपने खेतों में चना और सरसों बो दी थी । इसके साथ ही अब गेहूं की फसल को बोने के लिए ट्रैक्टर से खेतों को जोत दिया गया है। कुछ समय रुककर इसमे गेहूं की फसल बोने का काम शुरू कर दिया जाएगा। 

कैसे कर सकते हैं गेहूं की बुआई 
जानकार किसान बबलू बताते हैं कि गेहूं की फसल को बोने के लिए पहले खेत को दो से तीन बार समय-समय पर जुताई कर लेनी चाहिए। खेत की मिट्टी भुरभुरी हो जाये और जमीन समतल हो जाये। जिसके बाद उसमे किसी दिन गेहूं का बीज डालकर पाटा चला दिया जाता है। गेंहू की छोटी बीज को तीन से पांच सेंटीमीटर की गहराई में बोना चाहिए। वहीं, बड़ी बीज को पांच से सात सेंटीमीटर की गहराई में बोना चाहिए। यह गहराई गेंहू की फसल के लिए अच्छी होती है। इसकी जानकारी ट्रैक्टर चला रहे चालक को होनी चाहिए जिससे वह उसी तरह से हल को चला सके। 

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