संजीवनी टुडे

हिरण को शेर से लड़ते देख बनाया था ये किला, कभी थी यहां शेरों की गुफाएं... देखे : photos

संजीवनी टुडे 06-08-2016 13:40:32

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर और मेहरानगढ़ किला की स्थापना की कहानी बड़ी रोचक थी। जब राव जोधा जी को अपने पिता की मृत्यु के बाद मण्डोर का राज्य खोना पड़ा तब वे लगातार पन्द्रह सालों तक मेवाड़ की फौजों से युद्ध करते रहे और 1453 ई. में उन्होंने मण्डोर पर अधिकार किया। जिसके लिए राव जोधा उत्तराधिकारी बने थे। उन्हें अपनी राजधानी के लिए एक किले का निर्माण करना था। इसी बीच उन्होंने एक जगह हिरण को शेर से लड़ते देखा और किले का निर्माण कराया। बता दें कि जोधपुर का मेहरानगढ़ किला 120 मीटर ऊंची एक पहाड़ी पर बना हुआ है। इस तरह से यह किला दिल्ली के कुतुब मीनार की ऊंचाई (73मीटर) से भी ऊंचा है।

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कभी यहां थी शेरों की गुफाएं...

मण्डोर पर अधिकार करने के बाद उन्हें लगा कि यह किला मारवाड़ की राजधानी के लिए उपयुक्त नहीं है। यह किला उनके पूर्वज राव चूड़ा जी ने 1394 में जीता था, राव जोधा ने खुद के नाम पर नया शहर व किला बनाने की योजना बनाई। जब राव जोधा ने राजस्थान की मसूरियां पहाड़ी पर किला बनाना प्रारंभ किया तो वहां पर उन्हें किसी बुरी बात की आशंका होने लगी। इसी पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध लोक देवता बाबा रामदेव जी के गुरु बालकनाथ जी की गुफा में जाकर उन्होंने इसका कारण पूछा तो उन्होंने राव जी को कहां कि किला इस पहाड़ी पर नहीं बनाकर वे कहीं और बनाएं। उन्ही दिनों रावजी इन पंचटेकरियां पर किला का निरीक्षण करते हुऐ वर्तमान सिघोंडि़यों की बाड़ी के पास के क्षेत्र पर पहुंचे जहां उन्होंने एक बकरी को एक बाघ से मुकाबला करते देखा। राव जी ने उसी क्षण निर्णय कर लिया कि वे किला इसी पहाड़ी पर बनाएंगे। आज भी यह स्थान सिघोंडि़यों की बाड़ी क्षेत्र के नाम से मशहूर है। कभी इस स्थान पर शेरों की गुफाएं हुआ करती थी। जिस कारण इस स्थान को सिंहों की गोटें कहा जाता था जो कालान्तर में सिघोंड़ियों की बाड़ी हो गया। महाराजा मान सिंह जी ने जब इस परकोटे में यह पोल बनवाई तो वह इसी नाम से जानी जाने लगी।

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500 साल से पुराना है यह किला

जोधपुर शासक राव जोधा ने 12 मई 1459 को इस किले की नींव डाली और महाराज जसवंत सिंह (1638-78) ने इसे पूरा किया। इस किले में बने महलों में से उल्लेखनीय हैं मोती महल, फूल महल, शीश महल, सिलेह खाना, दौलत खाना आदि।

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10 किलोमीटर में फैली है किले की दीवार
 

मेहरानगढ़ किला की दीवारें 10 किलोमीटर तक फैली है। इनकी ऊंचाई 20 फुट से 120 फुट तथा चौड़ाई 12 फुट से 70 फुट तक है। इसके परकोटे में किलाम रास्तों वाले सात आरक्षित किला बने हुए थे। घुमावदार सड़कों से जुड़े इस किले के चार दरवाजे हैं। किले के अंदर कई भव्य महल, अद्भुत नक्काशीदार दरवाजे, जालीदार खिड़कियां हैं।

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हो चुकी है हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग

कामयाब अंग्रेजी फिल्म डार्क नाइट के कुछ हिस्से भी मेहरानगढ़ में फिल्माए जाने के बाद यह हॉलीवुड के लिए भी एक शानदार डेस्टीनेशन बन गया। यहां ब्रूस वेन को कैद करने, जेल पर हमला करने आदि के दृश्य फिल्माए गए थे।

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