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RBI ने WhatsApp को दे दी पेमेंट सर्विस शुरू करने अनुमति, नियम का करना होगा अनुपालन

संजीवनी टुडे 14-10-2019 14:44:26

कुछ दिनों से खबर है की WhatsApp में पेमेंट सर्विस भी शुरू होने वाली है। अब खबर है की इसका ज्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि वॉट्सऐप अगले दो महीने में डेटा लोकलाइजेशन नियम का अनुपालन पूरा कर लेगी।


नई दिल्ली। कुछ दिनों से खबर है की WhatsApp में पेमेंट सर्विस भी शुरू होने वाली है। अब खबर है की इसका ज्यादा  इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि वॉट्सऐप अगले दो महीने में डेटा लोकलाइजेशन नियम का अनुपालन पूरा कर लेगी। इस नियम को पूरा करने के बाद वह देश में अपनी पेमेंट सर्विसेज़ शुरू कर सकती है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के मुख्य कार्यकारी दिलीप अस्बे ने एक साक्षात्कार में यह बात कही है। 

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देश के सबसे बड़े बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक) ने देश में पेमेंट सर्विसेज देने वाली कंपनियों के लिए आंकड़ों को स्थानीय स्तर पर ही रखने के लिए डेटा लोकलाइजेशन का नियम बनाया है। 
अमेज़न, मास्टर कार्ड, वीजा, गूगल, पे-पाल समेत बाकी विदेशी पेमेंट सर्विस कंपनियों को इसका पालन करना है. इन नियमों के आधार पर इन कंपनियों को लेनदेन के आंकड़े देश में ही सुरक्षित करने हैं और ऐसे आंकड़ों को अपने विदेशी सर्वरों से 24 घंटे के अंदर मिटाना है। 

अस्बे ने बताया कि वॉट्सऐप पेमेंट सर्विसेज को शुरू करने के बाद भी घरेलू अर्थव्यवस्था में नकदी की अधिकता को कम करने में दो वर्ष का समय लग सकता है। अर्थव्यवस्था में नकदी वर्चस्व को कम करने के लिए डिजिटल माध्यम से लेनदेन करने वालों की संख्या कम से कम 30 करोड़ होनी चाहिए। अस्बे ने कहा कि अभी भी कुछ मध्यस्थ कंपनियां हैं, जहां इस दिशा में कम प्रगति पर है। पहली कंपनी गूगल और दूसरी वॉट्सऐप है। हमारा मानना है कि वॉट्सऐप अगले दो महीनों में खुद को नियमों के अनुरूप तैयार कर लेगी। 

वॉट्सऐप पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या रिजर्व बैंक की शर्त के मुताबिक 10 लाख तक सीमित किया है। क्योंकि ग्राहकों से संबंधित आंकड़ों के स्थानीयकरण नियम के अनुपालन में अभी उसे समय लगेगा। पिछले साल वॉट्सऐप ने देश में अपनी पेमेंट सर्विस की टेस्टिंग शुरू की थी। बाकी सभी हितधारक इसकी आधिकारिक शुरुआत को लेकर नजर रखे हुए हैं।

इसकी वजह वॉट्सऐप के साथ 30 करोड़ से अधिक लोगों का जुड़ा होना है। लोगो को लगता है कि वॉट्सऐप देश में चीन की ‘WeChat’ जैसी कहानी को दोहरा सकता है। अस्बे ने कहा कि रिजर्व बैंक की सूची में शामिल कंपनी के तीसरे पक्ष के तौर पर वॉट्सऐप के अनुपालन कामकाज का ऑडिट किया जा रहा है। 

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