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ट्रेन में श्रमिक की मौत, शव के पैतृक गांव पहुंचते ही मातम का माहौल

संजीवनी टुडे 30-05-2020 07:53:51

ट्रेन में श्रमिक की मौत, शव के पैतृक गांव पहुंचते ही मातम का माहौल


गुमला। मौके पर चिकित्सीय सुविधा नहीं मिलने से गोवा से श्रमिक ट्रेन से रांची आने के दौरान अशोक गोप नामक एक श्रमिक की मौत विलासपुर में हो गयी। शुक्रवार को एम्बुलेंस द्वारा अशोक गोप का शव उसके पैतृक गांव असरो पहानटोली लाया गया। उसके पिता विश्राम गोप, चाचा विरसा गोप, चचेरी बहन देवंती कुमारी एवं पालकोट गुड़गुड़ गांव निवासी दोस्त फागु खड़िया  शव को  लेकर गांव पहुंचे। शव के आते ही पुरे गांव में मातम का माहौल उत्पन्न हो गया। परिजनों का रो-रोके बुरा हाल था। 

मृतक की चचेरी बहन देवंती कुमारी ने बताया कि हम लोग दो वर्ष पहले गोवा काम करने के लिए गए हुए थे। तालाबंदी की वजह से काम बंद हो गया और हम लोग वहां फंस गए थे। सरकार द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने पर चार दिन पहले गोवा से रांची आने के लिए निकले थे। बिलासपुर पहुंचते ही अशोक को चक्कर के साथ उल्टी आने लगी । ट्रेन में किसी तरह की चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से ट्रेन में ही उसके भाई की मौत हो गयी। उसने इसकी सूचना फोन के माध्यम से घरवालों को बुधवार को ही दी थी। हटिया स्टेशन पहुंचने के बाद भाई के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स ले जाया गया। 

जहां से शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद शव को हमें सौंप दिया गया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए ग्रामीणों ने शव को गांव के बाहर ही रखा । वहीं परिजन एवं ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किया। परिजनों ने असरो नदी किनारे शुक्रवार को उसका अंतिम संस्कार किया । श्रमिक की मौत की सूचना मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार परिजनों का आर्थिक रिपोर्ट लेने के लिए अलमोण्डा पंचायत सेवक रविंद्र भगत एवं जनसेवक प्रमोद कुमार मिश्रा को मृतक का घर भेज कर रिपोर्ट लिया।

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