संजीवनी टुडे

कुपोषित बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश

संजीवनी टुडे 06-07-2019 19:01:19

कुपोषित बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश


श्योपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एमबी ओझा ने शनिवार को श्योपुर जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टर बसंत कुर्रे एवं विभागीय अधिकारियों के साथ सहरिया बाहुल्य क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सहरिया परिवारों से चर्चा कर कुपोषण के कारण हुई बच्चों की मौत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सहरिया परिवारों को समझाते हुए बताया कि कमजोर बच्चा होने पर उसे शासकीय अस्पताल में दिखायें, साथ ही एनआरसी केंद्र में भर्ती कर उसकी ग्रेड सुधारने के प्रयास किए जाएं।

आयुक्त एमबी ओझा ने शनिवार को जिले के आदिवासी विकासखंड कराहल के ग्राम मोरावन, टिकटोली, सेसईपुरा, कलमी, सहराना में पहुंचकर शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम मोरावन के शा. प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर छात्रों के पढ़ाई का स्तर जाना, साथ ही मध्यान्ह भोजन मिलने के बारे में चर्चा की। इसी प्रकार आंगनवाड़ी केंद्र मोरावन का निरीक्षण कर केंद्र पर आई सीमा सहरिया से प्रतिदिन भोजन करने की जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका से कमजोर बच्चों के बारे में जानकारी ली। इसी प्रकार मीनू के अनुसार बच्चें को पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। 

आयुक्त एवं कलेक्टर ने ग्राम टिकटोली की देखी मूलभूत सुविधाएं
महिला बाल विकास आयुक्त एमबी ओझा एवं कलेक्टर बसंत कुर्रे ने आदिवासी बाहूल्य ग्राम टिकटोली में पहुंचकर ग्रामीणों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं की हकीकत जानी और आदिवासी महिला कपूरी बाई से कमजोर बच्चों के बारे में जानकारी ली। बच्चों का टीकाकरण कराने के बारे में पूछताछ कर उन्होंने दस्तक अभियान के अंतर्गत मैदानी अमले के माध्यम से की जा रही कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगर सहरिया परिवार का कोई भी बच्चा कमजोर दिखे, तो उसका उपचार एनआरसी केंद्र कराहल में कराया जाए।

एनआरसी केंद्र कराहल का किया निरीक्षण
महिला एवं बाल विकास आयुक्त एमबी ओझा ने आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय कराहल के सीएससी परिसर में स्थित एनआरसी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एनआरसी केंद्र में भर्ती महिलाओं के शिशुओं के उपचार के बारे में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से चर्चा की। इस दौरान संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. एके दीक्षित ने एनआरसी केंद्र में प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने एनआरसी केंद्र में बच्चों की ग्रेड सुधारने के लिए आई महिलाओं से चर्चा की। तब महिलाओं ने बच्चों का उपचार और स्वयं को खाना मिलने की जानकारी दी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एमबी ओझा ने भ्रमण के पश्चात अधिकारियों को बैठक लेकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये। बैठक में अधिकारी/कर्मचारियों के माध्यम से सहरिया बाहूल्य क्षेत्रों में उपचार व्यवस्था को सुदृढ बनाने के साथ मैदानी अमले को मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद करने का निर्णय लिया गया। आयुक्त ओझा ने कहा कि आदिवासी समुदाय को मैदानी अधिकारी/कर्मचारी बीमारी की स्थिति में शासकीय अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दें। साथ ही कमजोर बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती कराने की प्रेरणा दी जाए। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग का मैदानी अमला अपने मुख्यालय पर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन निरंतर करें। 

पूरी इमानदारी के साथ दोनों विभागों का अमला सहरिया परिवारों को सेवाएं देने के लिए सहायक बनें। उन्होंने कहा कि डे केयर सेंटर की व्यवस्था को विकसित किया जाए, साथ ही सहरिया परिवार की महिलाओं को पौष्टिक आहार के रूप में सोयाबड़ी उपलब्ध कराई जाए। आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालयों में आने वाले सहरिया परिवार के बच्चों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाए। बच्चों का टीकाकरण नियमित होना चाहिए। साथ ही बेसिक सुविधाएं सहरिया परिवारों को मिलनी चाहिए। 

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