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लाॅकडाउन में बदलाव की बयार : मेरठ से पंजाब जा रहे कामगार

संजीवनी टुडे 26-05-2020 15:16:34

कोरोना के कारण लागू लाॅकडाउन में उद्योग-धंधे बंद होने से हजारों-लाखों कामगार अपने गृह जनपद व राज्यों में वापस लौट रहे हैं। ऐसे माहौल में मेरठ से सुखद खबर आ रही है।


मेरठ। कोरोना के कारण लागू लाॅकडाउन में उद्योग-धंधे बंद होने से हजारों-लाखों कामगार अपने गृह जनपद व राज्यों में वापस लौट रहे हैं। ऐसे माहौल में मेरठ से सुखद खबर आ रही है। मेरठ से कामगार वापस काम करने के लिए पंजाब जाने लगे हैं। इसके लिए पंजाब से बाकायदा कामगारों के लिए पास भी बनकर आ रहे हैं।

कोरोना आपदा से निपटने के लिए 25 मार्च से पूरे देश में लाॅकडाउन लागू कर दिया गया। इससे देश भर में उद्योग-धंधे बंद होने से कामगार बेरोजगार हो गए। इस पर विभिन्न राज्यों में काम करने वाले कामगार अपने घरों को वापस लौटने लगे। ट्रेन और बस बंद होने से पैदल ही कामगार अपने घरों के लिए निकल पड़े। बाद में श्रमिक स्पेशल ट्रेन और बसों का संचालन करके कामगारों को उनके गृह जनपदों को भेजा जाने लगा। मेरठ से भी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश आदि प्रदेशों के हजारों कामगार वापस लौट रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में काम करने वाले मेरठ के हजारों कामगार वापस लौटकर आ रहे हैं। कामगारों के पलायन करने का सिलसिला अभी भी चल रहा है।

काम के लिए पंजाब जाने लगे कामगार

उद्योग बंद होने से अपने घरों की ओर कामगारों के लौटने के बीच मेरठ से सुखद खबर है। मेरठ के जानी क्षेत्र के कामगार काम करने के लिए पंजाब जाने लगे हैं। जानी के युवक टाॅवर लगाने का काम करते हैं। इस समय उनका काम पंजाब राज्य में चल रहा है। जानी के सुबोध कुमार ने बताया कि पंजाब के लुधियाना, पठानकोट, खन्ना आदि शहरों में मोबाइल टावर लगाने के लिए उनके यहां के कामगार जाने लगे हैं। इसके लिए पंजाब से ही कामगारों को ले जाने के लिए वाहन पास और वाहन लेने आ रहे हैं। वाहनों में कामगारों को ले जाने के लिए शारीरिक दूरी के नियमों का पालन किया जा रहा है। एक सेवन सीटर वाहन में चार कामगार बैठकर जा रहे हैं। अभी तक छह वाहनों में कामगार जा चुके हैं। पंजाब से अन्य कामगारों को बुलाने की मांग आ रही है। जानी के आसपास के कई गांवों के युवक पंजाब, हरियाणा आदि काम करने के लिए जाने के लिए तैयार है।

कोरोना के खौफ के बीच करेंगे काम

पंजाब सरकार ने अपने राज्य में कोरोना संक्रमण को देखते हुए कर्फ्यू लागू कर दिया था। पंजाब जाने वाले मेरठ के युवक कोरोना के खौफ के बीच काम करेंगे। कोरोना को लेकर लागू नियमावली के हिसाब से ही मास्क, दस्ताने पहनकर वह पंजाब में काम करेंगे। शारीरिक दूरी के नियमों का भी पालन किया जाएगा। पंजाब में लगने वाले मोबाइल टावरों में जानी, सिवालखास आदि कस्बों के सैकड़ों युवक काम करने जाते हैं। यह युवक दूसरे राज्यों में भी जाते रहते हैं। जानी निवासी दिनेश का कहना है कि पंजाब के बाद हरियाणा, हिमाचल प्रदेश से भी काम के लिए कामगारों को बुलाने के लिए टेलीफोन आ रहे हैं। 

ठेकेदारों के जरिए जाते हैं युवक

मेरठ से ठेकेदारों के जरिए यहां के युवक काम करने के लिए विभिन्न राज्यों मंे जाते हैं। ठेकेदार ही युवकों को मेरठ से ले जाने, वहां रहने-खाने और वापस लाने की व्यवस्था करता है। इस बार भी ठेकेदारों के पास कामगारों की काफी डिमांड आ रही है। उद्योग फिर से शुरू होने की प्रक्रिया के बीच ठेकेदारों के पास कारखानों में काम करने के लिए कामगारों की मांग आ रही है। इसके लिए भी बेरोजगार युवकों की जानी क्षेत्र में की तलाश की जा रही है।

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