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उत्तराखंड/ CM रावत बोले- भारत नेट फेज-2 से राज्य में नई दूरसंचार क्रांति, विकास के नए युग का होगा सूत्रपात

संजीवनी टुडे 11-07-2020 16:50:26

भारत नेट फेज-2 परियोजना में राज्य के 12 जनपदों (हरिद्वार जनपद में पूर्व में किया जा चुका है) के 65 ब्लॉक अंतर्गत 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जाएगा।


देहरादून। भारत नेट फेज-2 परियोजना में राज्य के 12 जनपदों (हरिद्वार जनपद में पूर्व में किया जा चुका है) के 65 ब्लॉक अंतर्गत 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। सचिवालय के मीडिया सेंटर में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी व दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचने से विकास के एक नए युग का सूत्रपात होगा और ग्रामीण अंचलों की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय अंतर्गत यूनिवर्सल सर्विसेज ऑब्लीगेशन फंड द्वारा यह परियोजना वित्त पोषित है तथा भारत ब्रॉड बैंड नेटवर्क लिमिटेड द्वारा यह परियोजना दो चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। उत्तराखंड राज्य में भारत नेट फेज -1 परियोजना का कार्य भारत ब्रॉड बैंड नेटवर्क लिमिटेड  द्वारा स्वयं विभिन्न संस्थाओं जैसे बीएसएनएल व अन्य कंपनियों के माध्यम से कराया गया है। प्रथम चरण में 11 जनपदों के 25 ब्लॉक की 1865 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाना था। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उत्तराखंड राज्य के लिए भारत नेट फेज -2 परियोजना प्राथमिकता पर स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया था। दूरसंचार मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड के लिए भारत नेट 2.0 परियोजना पर स्टेट लेड माॅडल के अन्तर्गत सहमति प्रदान कर दी गई है। राज्य के लिए भारत नेट फेज -2 परियोजना की लागत लगभग 2000 करोड़ रुपये है तथा इसका क्रियान्वयन आईटीडीए द्वारा किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि भारत नेट 2.0 परियोजना की क्रियान्वयन होने से राज्य में ई-गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-हेल्थ, टेली मेडिसन, ई-एजुकेशन, ई-बैंकिंग, ई-नाम, इन्टरनेट और अन्य सुविधायें राज्य की जनता को प्राप्त होंगी, जिससें उन्हें स्वावलम्बी बनने में न केवल सहायता प्राप्त होगी बल्कि स्वरोजगार के कई अवसर भी प्राप्त हो सकेंगे। 

त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 3 वर्षों में उत्तराखंड में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। सीएम डेश बोर्ड इसके द्वारा राज्य के प्राथिमिकता के कार्यक्रमों की समीक्षा यथा उनकी वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा जनपद स्तर से लेकर मुख्यमंत्री के कार्यालय तक की जाती है। राज्य के पहले स्टेट डाटा सेंटर का निर्माण किया गया। इससें सभी विभागों के डाटा को राज्य में संरक्षित किया जा सकता है। ड्रोन के क्षेत्र में भी राज्य में काफी प्रगति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-कैबिनेट सरकार के द्वारा मंत्रिमंडल की बैठकों को पेपरलेस करते हुए ई-मंत्रिमंडल सेवा लागू कर दी गई है। ई-ऑफिस एवं ई-कलेक्ट्रेट सरकार के द्वारा प्रदेश मुख्यालय के सचिवालय के लगभग 20 विभागों के ई-ऑफिस का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है तथा जनपद स्तर तक ई-ऑफिस, ई-कलेक्ट्रेट के क्रियान्वयन को शीघ्र ही लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है तथा जनपद देहरादून में इसका शुभारम्भ भी कर लिया गया है। ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से नागरिकों को लगभग 82 सुविधायें प्रदान की जा रही हैं, और शीघ्र ही समस्त नागरिक सुविधायें प्रदान करने का लक्ष्य है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति यथा जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, समाज कल्याण के आदि के लिए आवेदन कर सकते है। अब उन्हें इन कार्यों के लिए विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। 

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