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उत्तरप्रदेश : टिड्डी दल के हमले की आशंका से बढ़ी किसानों की मुसीबत, एक दल में होते हैं आठ करोड़ टिड्डे

संजीवनी टुडे 25-05-2020 15:09:19

कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन का खामियाजा भुगत रहे राज्य के किसानों के लिए एक और बुरी ख़बर है। राज्य में टिड्डी दल के हमले की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने कृषि विभाग सतर्क कर दिया।


भदोही। कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन का खामियाजा भुगत रहे राज्य के किसानों के लिए एक और बुरी ख़बर है। राज्य में टिड्डी दल के हमले की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने कृषि विभाग सतर्क कर दिया।

कृषि विभाग के अनुसार राजस्थान से मध्यप्रदेश होते हुए टिड्डी दल राज्य में पहुँच सकता है। टीकमगढ, भरतपुर के साथ झाँसी में टिड्डियों को देखा गया है। राज्य कृषि विभाग ने फसलों की सुरक्षा को देखते हुए जिलों को आवश्य निर्देश और सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा है। टिड्डियों के हमले की आशंका से किसानों की नींद उड़ी है। 

 भदोही जिला कृषि विभाग ने किसानों को चेतावनी दिया है कि टिड्डी दल का हमला जिले में हो सकता है। टिड्डी दल राजस्थान के जयपुर और दौसा होते हुए भरतपुर, करौली के रास्ते धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। कृषि विभाग की इस चेतावनी से किसान परेशान है। क्योंकि टिड्डी का हमला सीधे पत्तेदार फसलों पर होता है। टिड्डी दल के हमले को देश अब तक कई बार झेल चुका है। 

टिड्डे हरी पत्तियों की फसल को निगलते हैं

भदोही कृषि विभाग के वैज्ञानिक डा.अजय सिंह ने बताया कि हरे पत्ते पर इसका सीधा हमला होता है। जिसकी वजह से सब्जियों, चारा और दूसरी फसलों को भारी नुकासान हो सकता है। टिड्डी दल में करोड़ों की संख्या में लगभग दो ढाई इंच लंबे कीट होते हैं जो फसलों को कुछ ही घंटों में चट कर जाते हैं। टिड्डी दल जहां बैठता है इसकी लम्बाई तीन जबकि चौड़ाई पांच किमी होती है। 

एक दल में आठ करोड़ होते हैं टिड्डे  

डा. सिंह के अनुसार दुनिया का यह सबसे महाविनाशकारी कीट है। किसानों का सबसे बड़ा दुश्मन है। टिड्डी दल एक बार में 150 किमी की यात्रा तय करता है। एक सामान्य दल में आठ करोड़ टिड्डियां होती है। जबकि विशेष दल में यह 150 मिलियन तक होतीं हैं। एक वर्ग किलोमीटर का झुंड तकरीब 35 हजार लोगों के बराबर का भोजन चट कर जाती हैं। एक वयस्क दो बार में 200 से 250 अंडे देती है। जहाँ रात रूकती हैं वहीं नमी वाली ज़मीन में अंडे देती हैं। 10 से 30 दिन में शिशु बन जाते हैं। ऐसी स्थिति में इन्हें रूकने नहीं देना चाहिए। 

ढोल और थाली बजा कर टिड्डों को भगाएं 

किसान टिड्डा दल के हमले से बचने के लिए कुछ तरीके अपना कर अपनी फसलों और इलाकों को सुरक्षित कर सकता है। अजय सिंह के अनुसार खेतों में आग जलाएं। थाली और ढोल- नगाड़े बजाकर आवाज करें। इसके अलावा पटाखे फोड़े। यह सबसे बेहतर विधि है। कीटनाश और रसायनों क्लोरपीरिफॉस, साइपरमैथरीन, लिंडा इत्यादि का टिड्डी दल के ऊपर छिड़काव किया जा सकता है। टिड्डी दल शाम को 6 से 7 बजे के आसपास जमीन पर बैठ जाता है और फिर सुबह 8 -9 बजे के करीब उड़ान भरता है अतः इसी अवधि में इनके ऊपर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करके इनको मारा जा सकता है। 

झाँसी में टिड्डों को देखा गया 

भदोही जिले के किसानों को सतर्क करते हुए उन्होंने बताया है कि टिड्डी दल झाँसी से मध्यप्रदेश के निवाडी एवं टीकमगढ़ में देखा गया। लगातार यह आगे बढ़ रहा है। किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा है कि आपके यहां टिड्डी दल दिखाई देता है आप बताए गए उपाय से निजात पा सकते हैं। इसकी सूचना आप विभाग भी तत्काल दे सकते हैं। 

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