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मध्यप्रदेश की राजनीति में उलटफेर, अप्रैल में होगा नई सरकार का गठन, कांग्रेस कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले नेताओं को मिलेगी...

संजीवनी टुडे 27-03-2020 14:47:47

पहली बार में ही कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले 22 में से 9 नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।


भोपाल। देश में फैली कोरोना महामारी को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमंडल का गठन टाल दिया है। ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि कोविड-19 के कारण देश में लगे लॉकडाउन के बाद स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियां सामान्य होती हैं तो कैबिनेट का गठन अप्रैल के दूसरे सप्ताह में हो सकता है।

शिवराज सिंह चौहान

पहली बार में ही कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले 22 में से 9 नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। इनमें छह तुलसी सिलावट, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी और प्रद्युम्न सिंह तोमर सिंधिया समर्थक हैं। शेष तीन में बिसाहूलाल सिंह, ऐंदल सिंह कंसाना और राजवर्धन सिंह दत्तीगांव शामिल हैं। 

शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान की मंत्रिमंडल 24 से 26 लोगों की बनेगी, जिसमें 6 से 8 राज्यमंत्री हो सकते हैं। हालांकि शिवराज सिंह के सामने यह चुनौती होगी कि वे अपने लोगों में से किसे शामिल करते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 13 मंत्री चुनाव हार गए, जबकि कुछ को टिकट ही नहीं मिला। 

शिवराज सिंह चौहान

इस बार जगदीश देवड़ा, अजय विश्नोई, करण सिंह वर्मा, कमल पटेल, मीना सिंह, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक और गोपीलाल जाटव चुनाव जीत कर आए हैं। ये पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा ऐसे भी दावेदार हैं, जो तीन या चार बार के विधायक हो गए हैं। 

शिवराज सिंह चौहान

इनमें ओम प्रकाश सकलेचा, यशपाल सिंह सिसोदिया, राजेंद्र पांडे, देवेंद्र वर्मा, रमेश मेंदोला और ऊषा ठाकुर आदि शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल से रामेश्वर शर्मा और भिंड से अरविंद भदौरिया की भी दावेदारी प्रबल है।

शिवराज सिंह चौहान

गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, पारस जैन, राजेंद्र शुक्ला, यशोधरा राजे सिंधिया, विजय शाह, विश्वास सारंग, संजय पाठक, सुरेंद्र पटवा, जालिम सिंह पटेल, सीतासरन शर्मा।

शिवराज सिंह चौहान

वहीं, दूसरी तरफ सिंधिया का केस खोलने वाले एडीजी को हटाया गया है। राज्य सरकार ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू)महानिदेशक सुशोभन बनर्जी को हटाकर उन्हें एडीजी जेएनपीए सागर पदस्थ किया है। उनके स्थान पर एडीजी सीआईडी राजीव टंडन को ईओडब्ल्यू का प्रभारी महानिदेशक पदस्थ किया गया है। 

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सरकार के भरोसेमंद अफसर एडीजी भोपाल आदर्श कटियार को एडीजी इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा का दामन थामने के साथ ही ईओडब्ल्यू ने छह साल पुरानी एक शिकायत में दोबारा जांच शुरू कर दी थी। इस जांच को एक हफ्ते बाद ही नस्तीबद्ध कर दिया गया था। तभी से बनर्जी का हटना तय माना जा रहा था। प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओएसडी थी, इसलिए उनका भी इस पद से हटना तय था। उपेंद्र जैन भी सरकार के करीबी माने जाते हैं।

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