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कोरोना की यूपी यात्रा, 37 दिन के अंदर 37 जिलों में आफत बनकर दौड़ा, चार को निगला पर जंग में 27 से हुआ पराजित

संजीवनी टुडे 08-04-2020 20:17:40

कोरोना वायरस ने चीन के वुहान शहर से चलकर ताज नगरी आगरा के रास्ते तीन मार्च को उत्तर प्रदेश में दस्तक दी थी। इस 37 दिन के अंदर यूपी के 75 जिलों में से 37 को इसने अब तक अपने गिरफ्त में ले लिया है। हालांकि इस कातिल वायरस को काफी हद तक काबू कर लिया गया था लेकिन तब्लीगी जमात ने योगी सरकार के प्रयास पर पानी फेर दिया।


लखनऊ। कोरोना वायरस ने चीन के वुहान शहर से चलकर ताज नगरी आगरा के रास्ते तीन मार्च को उत्तर प्रदेश में दस्तक दी थी। इस 37 दिन के अंदर यूपी के 75 जिलों में से 37 को इसने अब तक अपने गिरफ्त में ले लिया है। हालांकि इस कातिल वायरस को काफी हद तक काबू कर लिया गया था लेकिन तब्लीगी जमात ने योगी सरकार के प्रयास पर पानी फेर दिया। इसका नतीजा यह रहा कि मार्च के अंत तक बमुश्किल संक्रमित मरीजों की संख्या सैकड़ा नहीं पार कर सकी थी, वह मात्र एक सप्ताह में तीन गुना पार कर गई और चार लोगों की मौत का कारण भी बना।  

दुनिया के करीब 200 देशों की त्रासदी बने कोरोना वायरस ने तीन मार्च को उत्तर प्रदेश में उस समय प्रवेश किया, जब आगरा में इटली से लौटे दो कारोबारी भाईयों समेत 13 सदस्यीय परिवार के छह लोगों में इसके पाॅजिटिव लक्षण पाये गये। चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को लेकर राज्य सरकार को जनवरी से ही अलर्ट मोड पर रखा था, इसलिए शुरू में यह वायरस उप्र में अधिक प्रभावी न हो सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को जब पूरे देश में कोरोना के खिलाफ 'जनता कर्फ्यू' लगा तो पूरा उप्र एकजुट दिखा। उस समय तक प्रदेश में वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या मात्र 29 थी और 16 जिले ही इससे प्रभावित थे। 

'जनता कर्फ्यू' के तत्काल बाद मुख्यमंत्री योगी ने सभी 16 प्रभावित जिलों में तीन दिन का लाॅकडाउन भी कर दिया था। इस बीच प्रधानमंत्री ने 24 मार्च की आधी रात से पूरे देश में संपूर्ण लाॅकडाउन की घोषणा कर दी। हालांकि 25 मार्च से दो अप्रैल तक नवरात्र और रामनवमी का पर्व रहा लेकिन मंदिरों के कपाट बंद रहे और जनता ने भी शारीरिक दूरी के प्रोटोकाल का पालन करते हुए अपने घरों में नव दिन का पूरा अनुष्ठान किया। परिणामस्वरुप कोरोना के संक्रमण की गति इस दौरान काफी नियंत्रित रही। संक्रमितों की संख्या 25 मार्च को 39 थी लेकिन उसे सैकड़ा तक पहुंचने में एक सप्ताह लग गये। 

इसके बाद दिल्ली के निजामुद्दीन से लौटे तब्लीगी जमातियों ने पूरे देश के साथ उप्र में भी कोरोना के खिलाफ योगी की जंग को बेहद कमजोर कर दिया। नतीजा यह हुआ कि मात्र पांच दिन में ही संक्रमितों का आंकड़ा तीन सौ के पार पहुंच गया। मुख्यमंत्री योगी भी बार-बार कह रहे हैं कि तब्लीगी जमात के कारण परिस्थितियां अचानक बदल गईं। उनका कहना है कि अब तक प्रदेश में संक्रमण के जितने केस मिले हैं, उनमें आधे से अधिक जमातियों के हैं। हालांकि मुख्यमंत्री कोरोना के खिलाफ अपनी रणनीति को लेकर अभी भी आश्वस्त हैं और कहते हैं कि स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है।

इस तरह रहा तब्लीगी जमात से बढ़े संक्रमण का आकड़ा
प्रदेश में संक्रमितों की संख्या में तीन अप्रैल से बड़ी तेजी से इजाफा हुआ जब एक ही दिन में कोरोना पाॅजिटिव के 56 मरीज पाये गये। इनमें तब्लीगी जमात के 54 लोग थे। फिर चार अप्रैल को 65 नये मरीज मिले, जिसमें जमात के 47 थे। इसी तरह पांच अप्रैल को पुष्ट हुए 45 मरीजों में जमात के 38, छह अप्रैल को 33 में 29 और सात अप्रैल को 31 नये पाॅजिटिव मरीजों में 17 जमात के लोग थे। हालांकि आठ अप्रैल को थोड़ा राहत वाली खबर मिली है। आज पुष्ट रोगियों की कुल संख्या भारी कमी देखी गई है। आज कोरोना पाॅजिटिव के 11 मरीज ही मिले लेकिन इनमें भी आठ तब्लीगी जमात के हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक प्रदेश में 343 कोरोना पाॅजिटिव के मरीज पुष्ट हुए हैं, इनमें तब्लीगी जमात की संख्या 187 है।  

अब तक चार मौतें, 27 ने जीती जंग 
उप्र में कोरोना वायरस से 31 मार्च को पहली मौत हुई। वह बस्ती जिले का 25 वर्षीय युवक था। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा था। इसके दूसरे दिन एक अप्रैल को मेरठ में एक 72 साल के बुजुर्ग ने अंतिम सांस ली। प्रदेश में कोरोना से यह दूसरी मौत थी। फिर पांच मार्च को वाराणसी के एक 55 वर्षीय व्यापारी की मौत कोविड-19 के कारण हो गई। प्रदेश में कोरोना के कहर से चौथी मौत बुधवार को आगरा में हुई। वहां के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती 76 वर्ष की महिला ने इलाज के दौरान आज दम तोड़ दिया। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में कोरोना पाॅजिटिव के 27 मरीज अब तक स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं। इसमें आगरा के आठ, नोएडा के आठ, लखनऊ के पांच, गाजियाबाद के तीन, शामली और कानपुर के एक-एक मरीज शामिल हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि पीलीभीत से भी एक मरीज आज स्वस्थ्य पाया गया है।

ये हैं 37 प्रभावित जिले
अब तक आगरा में सर्वाधिक 64 मरीज, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 58, मेरठ में 35, लखनऊ में 24, गाजियाबाद में 23, शामली में 17, सहारनपुर में 14, वाराणसी में 09, कानपुर नगर में 08, बुलंदशहर में 08, बस्ती में 08, सीतापुर में 08, फिरोजाबाद में सात, बरेली में 06, महाराजगंज में 06, गाजीपुर में 05, लखीमपुर खीरी में 04, आजमगढ़ में 04, हाथरस में 04, जौनपुर में 03, बागपत में 03, हापुड़ में 03, प्रतापगढ़ में 03, पीलीभीत में 02, बांदा में 02, मिर्जापुर में 02, रायबरेली में 02, मथुरा में 02, मुरादाबाद में 01, हरदोई में 01, शाहजहांपुर में 01, औरैया में 01, बाराबंकी में 01, कौशाम्बी में 01, बिजनौर में 01, प्रयागराज में 01, और बदायूं में भी 01 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिला है।
  

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