संजीवनी टुडे

उन्नाव हादसा : पोस्टमार्टम के बाद सातों शवों को परिजनों को सौंपा, जलकर हुई थी मौत

संजीवनी टुडे 17-02-2020 22:51:52

हादसे में जान गंवाने वाले सातों शवों का पोस्टमार्टम दोपहर बाद डॉक्टर अमित श्रीवास्तव व फार्मासिस्ट सोहन सिंह से किया गया। क्षत विक्षत शवों को देख डॉक्टर व फार्मासिस्ट भी भावुक हो गए।


उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के हरदोई उन्नाव मार्ग स्थित आगरा एक्सप्रेस वे पर रविवार की देर रात ट्रक व कार की सीधी भिड़ंत आग लगने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में सोमवार को दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को पुलिस शवों को सौंप दिया। 

मृतकों में शहर के मोहल्ला खजुरिया बाग निवासी अंकित बाजपेयी (26) पुत्र कृष्ण, हिमांशु (19) पुत्र स्व. रिंकू मिश्रा निवासी हरदोई पुल के नीचे, अमित मिश्रा (23) पुत्र पप्पू मिश्रा निवासी पुल के नीचे, कल्लू (35) पुत्र राजन शुक्ला निवासी शिवनगर, शंभू अवस्थी (36) पुत्र लल्लू राम निवासी सिधौली थाना मदनापुर सीतापुर, खजान सिंह (45) पुत्र कृपा शंकर यादव निवासी प्रेग्नेंट खेड़ा व अभिषेक तिवारी (30) पुत्र स्वर्गीय मनोज तिवारी निवासी कचैड़ी गली के रूप में  शवो की शिनाख्त हो गई है। देररात से लेकर सुबह तक पोस्टमार्टम हाउस पहुंच मृतको के परिजनो ने शवों की शिनाख्त की। उधर, दोपहर देरशाम तक पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने सभी को परिजनो को सुपुर्द कर दिया और परिजन अपने-अपने शव लेकर अतिंम यात्रा के लिए चले गए है। 

जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से की मुलाकात
देर रात व सोमवार की सुबह सदर विधायक पंकज गुप्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सिंह सेंगर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, सपा नेत्री मनीषा दीपक, मंजीत यादव, सपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव और हिन्दू जागरण मंच के प्रभारी मंत्री विमल द्विवेदी व देवेन्द्र सिंह आदि ने परिजनों से मुलाकात की।

सभी शवों का कराया गया डीएनए
सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार ने बताया कि सातों शवों की पहचान परिजनों से कर ली गई है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में डीएनए करवाने की बात कही है। सभी शवों का डीएनए करवाया गया है। 

जले भुने शवों को देख परिजनों में मचा कोहराम
सोमवार की सुबह सात मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पहचान के लिए सभी शवों को बाहर निकलवाया गया। अपनों के जले भुने शवों को देख परिजनों में कोहराम मचा रहा। 

कपड़े व जेवरातों से हुई शिनाख्त
पोस्टमार्टम कर्मियों ने शवों को बाहर निकाल पर पहचान के लिए रख दिया। उसके बाद पुलिस व पोस्टमार्टम कर्मियों ने मृतकों के शरीर पर बचे कपड़े व हाथ में कलेवा और जेवरातों को अलग-अलग शवों के पास रख दिया। इससे परिजनों को दिखा कर किसी तरह शवों की पहचान करवाई जा सकी। 

पल-पल की जानकारी लेते रहे अफसर
रविवार की देर रात से लेकर सोमवार की शाम तक जिले के आलाधिकारी भी हादसे को लेकर हलाकान होते रहे। देररात डीएम देवेन्द्र पांडेय व एसपी विक्रांत वीर और सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार पोस्टमार्टम हाउस  पहुंच गए थे। लेकिन शवो की पहचान न होने से रात में पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। सोमवार की सुबह से ही राजधानी में बैठे अफसर भी पूरे घटनाक्रम की पल-पल जानकारी लेते रहे।

पोस्टमार्टम के डॉक्टर व फार्मासिस्ट भी हुए भावुक
हादसे में जान गंवाने वाले सातों शवों का पोस्टमार्टम दोपहर बाद डॉक्टर अमित श्रीवास्तव व फार्मासिस्ट सोहन सिंह से किया गया। क्षत विक्षत शवों को देख डॉक्टर व फार्मासिस्ट भी भावुक हो गए। 

डीएनए रखने को नहीं मिल सके बॉक्स
शवों के डीएनए होने की जानकारी मिलने पर पोस्टमार्टम हाउस में तैनात फार्मासिस्ट सोहन ने बांगरमऊ इंस्पेक्टर को फोन कर सैम्पल को रखने के लिए बॉक्स भिजवाने की बात कही। इंस्पेक्टर के पल्ला झाड़ने से करीब एक घंटे तक बॉक्स को लेकर अफरा तफरी मची रही। इंस्पेक्टर के रवैय्ये से पोस्टमार्टम में तैनात कर्मी असंंतुष्ट नजर आए।

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