संजीवनी टुडे

'दुर्भाग्य है दिल्ली सरकार के कॉलेजों में शिक्षक होना, सैलरी के लिए करनी पड़ती है भूख हड़ताल'

संजीवनी टुडे 11-07-2020 17:08:32

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के आह्वान पर दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेजों के शिक्षक एवं अन्य सटाफ वेतन की मांग को लेकर शनिवार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं।


नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के आह्वान पर दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेजों के शिक्षक एवं अन्य सटाफ वेतन की मांग को लेकर शनिवार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। 

कोरोना महामारी के कारण अभी दिल्ली के सभी कॉलेज बंद हैंं, लेकिन शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ ने अपने-अपने घरों पर ही भूख हड़ताल शुरू की, सभी ऑनलाइन जुड़े और भूख हड़ताल की तख्तियां लेकर सभी ने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो शेयर कर रहे हैं।   

हड़ताल पर बैठे इन अध्यापकों का आरोप है दिल्ली सरकार ने उन्हें अप्रैल, मई और जून का वेतन नहीं दिया गया है, वहीं जो लोग रिटायर हैं उन्हें पेंशन नहीं मिली है। इसके कारण इन शिक्षकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

डूटा अध्यक्ष राजीव-रे ने कहा कि दिल्ली सरकार देश में चल रही कोनोरा महामारी के दौर में भी अपने कर्मचारियों को तीन-तीन महीने तक वेतन व पेंशन न देकर आए दिन उनकी समस्याओं में इजाफा कर रही है। इससे पहले 28 अप्रैल को भी दिल्ली सरकार के कॉलेजों के अध्यापकों व स्टाफ ने भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद उनको वेतन दिया गया था। 

उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली सरकार के वित-पोषित कॉलेज कर्मचारियों को हर तीन महीने बाद अपना वेतन प्राप्त करने के लिए इसी प्रकार भूख हड़ताल करनी पड़ेगी। बड़ा दुर्भाग्य है, दिल्ली सरकार के कॉलेजों में शिक्षक होना। दिल्ली सरकार तुरंत इन कॉलेजों को ग्रांट जारी करे ताकि वेतप मिल सके।

डीयू प्रोफेसर आभा देव हबीब  ने कहा कि दिल्ली सरकार कर्मचारियों को शीघ्र वेतन दे, क्योंकि बिना वेतन के परिवार चलाना कितना मुशकिल होता है, सरकार इस बात को समझती क्यों नहीं। शिक्षक परिवारों में इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट गहराया हुआ है। परिवार मानसिक तनाव से गुज रहे हैं। भूख हड़ताल में डूटा अध्यक्ष राजीव रे के साथ वो सभी शिक्षक भी शामिल हुए जिन्हें बीते दो-तीन माह से वेतन नहीं मिला है।

ये हैं दिल्ली सरकार के 12 कॉलेज -

दिल्ली सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित 12 कॉलेज हैं। इन में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, शहीद राज गुरु कॉलेज, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, डॉ भीम राव अम्बेडकर कॉलेज, आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, भगिनी निवेदिता महाविद्यालय, केशव महा विद्यालय, महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय, अदिति महाविद्यालय, महर्षि बाल्मीकि महाविद्यालय शिक्षा और भास्कराचार्य महाविद्यालय के नाम शामिल हैं।

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