संजीवनी टुडे

कोलकाता में केंद्रीय बलों के रूट मार्च से तृणमूल को समस्याएं

संजीवनी टुडे 18-03-2019 22:39:52


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस कहती रही है कि लोस चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती से उन्हें कोई समस्या नहीं है लेकिन सोमवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं की जुबान पर केंद्रीय बलों के कोलकाता में रूट मार्च से दर्द छलक उठा। कोलकाता में अर्धसैनिक बलों के जवानों ने शहर के कई हिस्सों में रूट मार्च शुरू किया है जिनमें बेहला, नाकतला, बांसद्रोनी और रिजेंट पार्क के इलाके शामिल हैं। केंद्रीय बलों को कोलकाता पुलिस के अधिकारियों के साथ वाटगंज और मेटियाब्रुज में देखा जा सकता है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता में मतदान से महीनों पहले रूट मार्च के "इरादे" पर सवाल उठाया है। सोमवार को पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि केंद्रीय बलों को टेलीविजन पर एक महिला से उसके बेटे के बारे में पूछते हुए देखा जा सकता है। 

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क्या उन्हें ऐसा करना चाहिए? आखिर केंद्रीय जवान ऐसा क्यों कर रहे हैं? यह रूट मार्च का हिस्सा नहीं है। राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें शहर में केंद्रीय बलों द्वारा आयोजित रूट मार्च के साथ कोई समस्या नहीं है, लेकिन वे केंद्रीय बलों से "तटस्थ" कार्यों की अपेक्षा करते हैं। हकीम ने कहा कि राज्य को अर्धसैनिक बलों की 135 कंपनियां मिली हैं। जंगल महल में माओवादी समस्याएं होने पर हमें इतनी अधिक संख्या में केंद्रीय जवानों की तैनाती नहीं मिली। 

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हमारे साथ केंद्रीय बलों के साथ कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें तटस्थ रहना चाहिए और किसी भी विशेष पार्टी के लिए खुद को प्रतिबद्ध नहीं करना चाहिए। हालांकि लगातार तीन दिनों से केंद्रीय बलों द्वारा कोलकाता में रूट मार्च का भाजपा ने स्वागत किया है। बीजेपी के प्रवक्ता सायंतन बसु ने कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्रीय बल बने रहें ... ताकि सभी लोग शांति से मतदान कर सकें। 

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