संजीवनी टुडे

20 राज्यों के युवा किसानों ने लिया जैविक खेती का प्रशिक्षण

संजीवनी टुडे 11-03-2019 14:03:03


जयपुर। देश में जैविक खेती का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर युवावर्ग नौकरियों की बजाय अत्याधुनिक तरीके से खेती को लेकर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसके लिए वे औषधीय व जैविक खेती का गहन प्रशिक्षण भी ले रहे हैं। ऐसा ही उदाहरण टोंक रोड स्थित पिंजरापोल गोशाला के सनराइज ऑर्गेनिक पार्क में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में देखने को मिला। 

हैनिमेन चेरिटेबल मिशन सोसाइटी के सौजन्य में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में देश के 20 राज्यों के युवाओं ने ऑर्गेनिक प्रमाणीकरण, ऑर्गेनिक खाद व कीटाणुनाशक बनाने का न केवल प्रशिक्षण लिया बल्कि उत्पादित जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए बायबैक गारंटी का एग्रीमेंट भी किया। जैविक व औषधीय खेती के अंतराष्ट्रीय एक्सपर्ट डॉ. अतुल गुप्ता ने प्रतिभागी युवा किसानों को औषधीय पौधों की खेती का सैद्धांतिक व प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया।

 उन्होंने औषधीय फसल एलोवेरा, स्टीविया, कलिहारी, लेमनग्रास, सफेद मूसली, रतनजोत, रोजमेरी व तुलसी की अत्याधुनिक खेती के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने औषधीय खेती के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा देय अनुदानित योजनाओं, उत्पादों के विपणन व प्रोडेक्ट्स बनाने संबंधी जानकारी दी। डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि परम्परागत खेती की बजाय यदि किसान जैविक व औषधीय खेती को अपना लें तो न केवल उनकी आर्थिक दशा सुधरेगी बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति को भी मजबूत किया जा सकेगा।  

उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों के इस्तेमाल से जानलेवा बीमारियों से भी छुटकारा संभंव हैं। आखिरी दिन किसानों को औषधीय खेती की फील्ड विजिट करायी गई, साथ ही उन्हें प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

More From state

Loading...
Trending Now
Recommended