संजीवनी टुडे

अपराईजिंग-डे पर चीन के खिलाफ सड़कों पर उतरा तिब्बती समुदाय

संजीवनी टुडे 10-03-2019 19:45:32


धर्मशाला। 60वें तिब्बती अपराइजिंग-डे के मौके पर रविवार को तिब्बती समुदाय के सैंकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर मैकलोड़गंज से धर्मशाला तक जुलूस निकाला। भारत में निर्वासन के 60 साल पूरे होने के मौके पर मनाए गए अपराईजिंग-डे पर एक बार फिर चीन के खिलाफ तिब्बतियों ने नारेबाजी की। 

इस मौके पर तिब्बती यूथ कांग्रेस, तिब्बती महिला संगठन, नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ तिब्बत, गुचू-सुम मूवमेंट ऑफ़ तिब्बत और स्टूडेंटड फॉर ए फ्री तिब्बत इंडिया के सदस्यों सहित विदेशी समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया। जुलूस को सुबह 10 बजे निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांग्ये मैकलोड़गंज स्थित मुख्य बौद्ध मठ चुगलाखंग से रवाना किया। 

मैकलोड़गंज स्थित मुख्य बौद्धमठ चुगलाखंग में पूजा अर्चना के बाद निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांग्ये के अलावा भाजपा सांसद शांता कुमार सहित करीब 10 देशों के सांसद मौजूद रहे। जुलूस को रवाना करने से पूर्व डा. सांग्ये सहित शांता कुमार और अन्य विदेशी प्रतिनिधि इस दौरान तिब्बती समुदाय के लोगों को संबोधित किया। 

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निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री डा. सांग्ये ने कहा कि तिब्बत की आजादी के लिए जिस तरह से तिब्बत में रह रहे हमारे भाई-बहन चीनी सेना के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं हमें भी उनका पूरा सहयोग करना चाहिए। इसके लिए हमें एकजुट होना होगा ताकि तिब्बत को आजादी मिल सके और धर्मगुरू दलाईलामा को दोबारा से तिब्बत के पोटाला पैलेस में जाने का मौका मिल सके। 

उन्होंने कहा कि धर्मगुरू की सही जगह पोटाला पैलेस ही जिसके लिए हमें एक साथ मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि तिब्बत की आजादी की लड़ाई के दौरान 2009 से लेकर अब तक 153 से अधिक तिब्बती आत्मदाह कर चुके हैं। उनकी कुर्बानी को याद करते हुए हमें तिब्बत की आजादी के लिए संर्घष करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय तिब्बत प्रशासन वर्ष 2019 को ‘इयर ऑफ कमिटमेंट’ घोषित किया है।

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गौर हो कि तिब्बत से भारत पंहुचे धर्मगुरू दलाईलामा के निर्वासन के 10 मार्च 2019 को 60 साल पूरे हो रहे हैं। 60 सालों से भारत में रह रहे धर्मगुरू ने भारत का धन्यवाद करने के लिए थैंक्यू इंडिया कार्यक्रम के तहत इसाल कई तरह के आयोजन किए हैं।

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