संजीवनी टुडे

मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा अधिकारियों के कसे पेंच , तैनात बाबुओं को दिए ये निर्देश

संजीवनी टुडे 14-06-2019 21:36:52

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि शिक्षा पद्धति में हो रहा बदलाव जनता को महसूस भी हो।


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि शिक्षा पद्धति में हो रहा बदलाव जनता को महसूस भी हो। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि लम्बे समय से एक ही कार्यालय तैनात बाबू, अधिकारियों के करियर पर दाग लगा रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। अधिकारी स्कूलों की रैण्डम चेकिंग करें। कोई भी अधिकारी कैम्प कार्यालय नहीं बनायेगा। कैम्प कार्यालय बनाने की व्यवस्था तत्काल बन्द होनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की अपनी विशिष्ट छवि रही है। सरकार शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन को लेकर आमूलचूल परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं उच्च स्तर के अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

46 हजार शिक्षकों की हुई नियुक्ति, 69 हजार और मिलेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षाें में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के राज्य सरकार के प्रयासों के अच्छे परिणाम आये हैं। प्रदेश सरकार के प्रयास से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में लगभग 1.57 करोड़ विद्यार्थी शिक्षारत हैं। इन विद्यार्थियों को दो यूनीफाॅर्म, जूते-मोजे, पुस्तकें, बैग, स्वेटर आदि निःशुल्क उपलब्ध कराये गये हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। 46 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कायाकल्प योजना के तहत 90 हजार विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं जोड़ने का प्रयास हुआ है। 

बीएसए, डीआईओएस के दफ्तार में नजर ना आएं शिक्षक

मुख्यमंत्री  ने कहा कि आगामी 1 जुलाई से ‘स्कूल चलो अभियान’ संचालित किया जाएगा। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए विद्यालय में उनकी फोटो लगायी जाए।  ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय के समय पर कोई भी शिक्षक बेसिक शिक्षा अधिकारी या जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में घूमता नहीं दिखना चाहिए।

बेसिक शिक्षा विद्यालयों में एक महिला शिक्षक की हो तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास किया जाए कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में एक महिला शिक्षिका की तैनाती अवश्य हो। विद्यालयों में समान शिक्षक-छात्र अनुपात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी वर्ष में कम से कम दो बार विद्यालयों के प्रधानाचार्याें के साथ बैठक करें। प्रधानाचार्य भी अभिभावकों के साथ बैठक करें। अधिकारियों, प्रधानाचार्य तथा अभिभावकों के बीच संवाद से शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आयेगा।

पुरातन छात्र परिषद का होगा गठन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में पुरातन छात्र परिषद का गठन किया जाना चाहिए। वर्ष में एक बार पुरातन छात्र परिषद का सम्मेलन भी किया जाए। सभी छात्रों का अपने विद्यालयों से भावनात्मक लगाव होता है। पुरातन छात्रों को उनके विद्यालयों में बुलाकर सम्मान करने से वे अपने पूर्व विद्यालय के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ेंगे और अपने स्कूल को और बेहतर बनाने के लिए आर्थिक रूप से मदद भी करेंगे।

विद्यालयों में परमिट के बिना कोई वाहन नहीं हो संचालित 

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अप्रैल माह में कुशीनगर में स्कूल वाहन दुर्घटना में 13 बच्चों की मृत्यु की दुःखद घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के मद्देनजर उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली में संशोधन करके अध्याय 9(क) का समावेश किया गया है। इसके अन्तर्गत जनपद स्तर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके परिवहन से सम्बन्धित विषयों पर निर्णय लेने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्कूल वाहन परिवहन समीक्षा समिति का गठन किया गया है। इसी प्रकार विद्यालय स्तर पर विद्यालय सुरक्षा समिति का भी गठन किया गया है। 
डीआईओएस और बीएसए नियमावली में दिये अपने दायित्वों के समुचित निर्वहन करें। विद्यालयों में परमिट के बिना कोई भी वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। 

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