संजीवनी टुडे

फिर भूमाफिया के चंगुल में फंसा एक शख्स, अदालत के मार्फत दर्ज हो सकी एफआईआर

संजीवनी टुडे 08-03-2019 17:05:44


उदयपुर। उदयपुर में भूमाफिया का जाल फैलता जा रहा है। उनके चंगुल में फंसे लोगों की जीवन भर की पूंजी बर्बाद हो रही है। और तो और मामलों में पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज नहीं करती। पीडि़त को अदालत की शरण लेनी पड़ती है और इस्तगासे के मार्फत एफआईआर होती है। 

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हाल ही, ऐसा प्रकरण सामने आया है जिसमें एक आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बता कर पीडि़त पर भूमाफिया की बात मानने का दबाव बना रहा है। इतना ही नहीं, पीडि़त को एससी-एसटी एक्ट में घसीटने की धमकी भी दी जा रही है। पीडि़त की गुहार पर अदालत के आदेश के बाद दो अलग-अलग थानें में एफआईआर दर्ज हुई है। 

मामला उदयपुर के सुखेर व भूपालपुरा थाने से जुड़ा है। पीडि़त न्यू भूपालपुरा निवासी ओम प्रकाश शर्मा पुत्र प्यारेलाल शर्मा की एफआईआर के अनुसार आरोप है कि उसने न्यू भूपालपुरा में जमना बाई व सुदी बाई माली से खरीदने के लिए सौदा हुआ। पीडि़त शर्मा ने सुदी बाई और उसके पुत्र महेश माली को दिसम्बर 2018 में 9 लाख 50 हजार 466 रुपये के दो अलग-अलग चेक भी दिए और इसके बाद भूखण्ड की तय राशि के लिए तीन अलग-अलग चेक के जरिये 24 लाख 49 हजार 534 रुपये प्रदन किए। 

उन्होंने भूखण्ड का भौतिक कब्जा भी पीडि़त को सौंप दिया। जब भूखण्ड के विक्रय पत्र का पंजीयन कराने की बात आई तो वे लोग पंजीयन कार्यालय में एकत्र तो हुए लेकिन दिलीप माली, राजेश बागड़ी व अन्य तीन चार जनों के साथ वे पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराए बिना ही वहां से चले गए। इसके बाद से आरोपित लगातार पीडि़त से ज्यादा राशि की मांग कर रहे हैं। 

पीडि़त ने यह भी आरोप लगाया है कि उस पर जानलेवा हमला भी किया गया। भूखण्ड का कब्जा पुन: हथियाने की नीयत से बाउण्ड्रीवाल और साइन बोर्ड भी तोड़ दिया गया। पीडि़त को तेजाब डालकर जला कर मारने की भी धमकी दी गई। पीडि़त अदालत की शरण में गया तब 24 जनवरी 2019 को इस्तगासे के जरिये सुखेर थाने में पुलिस ने मामला दर्ज किया। 

बात यहीं तक नहीं रुकी। इसके बाद पीडि़त का आरोप है कि सुरेन्द्र कुमार सोलंकी नाम का बेदला निवासी कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बनाकर उस पर भूमाफियाओं की बात मानने का दबाव बना रहा है। समझौता कराने की एवज में 10 लाख रुपये की मांग कर रहा है। ऐसे में उसे फिर अदालत की शरण में जाना पड़ा और 1 मार्च 2019 को इस्तगासे के जरिये भूपालपुरा थाने में मामला दर्ज हो सका। 

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पीडि़त द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप है कि कथित पुलिस अधिकारी ने उससे 2 लाख रुपये वसूल भी लिए हैं और मांगी गई पूरी राशि नहीं देने पर एससी-एसटी मुकदमे भी फंसाने की भी धमकी दी गई। पीडि़त ओमप्रकाश शर्मा की दोनों अलग-अलग थानों में इस्तगासे से दर्ज एफआईआर पर अब पुलिस अपनी जांच कर रही है। पीडि़त ने जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। 

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