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पीड़ित न थाने गया, न दी तहरीर फिर भी पुलिस ने निर्दोष को भेजा जेल

संजीवनी टुडे 14-02-2020 16:12:08

आज मीडिया के सामने रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे झांसे में लेकर एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसे वह जानता ही नहीं। उधर, इस पूरे खुलासे के बाद अधिकारियों ने मौन साध लिया है।


मेरठ। सपा के वरिष्ठ नेता अतुल प्रधान ने पुलिस पर सत्ताधारी दल के दबाव में निर्दोष को फंसाने का आरोप लगाते हुए शक्रवार को बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया जिसके द्वारा दर्ज कराए गए जानलेवा हमले के मुकदमे पर पुलिस ने एक युवक को आनन-फानन में जेल भेज दिया। खास बात यह है कि जेल भेजे गए युवक ने पांच साल पहले सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम के पिता के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। 

आज मीडिया के सामने रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे झांसे में लेकर एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसे वह जानता ही नहीं। उधर, इस पूरे खुलासे के बाद अधिकारियों ने मौन साध लिया है। 

सपा नेता अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि पांच साल पहले सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम के पिता ने धर्मेंद्र जाटव नाम के एक व्यक्ति पर कातिलाना हमला किया था। इस मामले में संगीत के पिता सहित कई आरोपितों के खिलाफ धर्मेंद्र द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामला फिलहाल कोर्ट में ट्रायल पर है और जल्द ही इसमें फैसला आ सकता है। 

उन्होंने बताया कि इसी दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत 19 जनवरी को पुलिस ने धर्मेंद्र जाटव को आनन-फानन में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। धर्मेंद्र के खिलाफ पंकज नाम के एक व्यक्ति ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

अतुल प्रधान ने बताया कि धर्मेंद्र के परिवार के लोगों ने उनसे मिलकर धर्मेंद्र को निर्दोष बताया। इसके बाद उन्होंने धर्मेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले पंकज की जांच पड़ताल की तो पता चला कि पंकज पंजाब के एक भट्ठे में मजदूरी करता है। आज पत्रकार वार्ता करते हुए अतुल प्रधान ने सलावा के रहने वाले पंकज को मीडिया के सामने पेश किया। पंकज ने बताया कि मुकेश नाम के व्यक्ति ने उसे कॉल करके मेरठ बुलाया था। इसके बाद मुकेश और अन्य कुछ लोग उसे दौराला सीएचसी ले गए। जहां उसे बेहोश करने के बाद उसके कान और सिर पर जख्म बनाए गए और डॉक्टरी रिपोर्ट ले ली गई। इसके बाद वह घर चला गया और उसे मुकदमा दर्ज होने के विषय में कोई जानकारी नहीं। 

अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि इसी झूठे मेडिकल के आधार पर भाजपा विधायक के दबाव में पुलिस ने निर्दोष धर्मेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पंकज एसएसपी से मिलकर पूरी घटना को फर्जी बताते हुए अपना शपथ पत्र भी सौंप चुका है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद भाजपा विधायक के दबाव में पुलिस ना तो झूठे मुकदमे को खत्म कर रही है और ना ही धर्मेंद्र को जेल से रिहा करने की पहल की जा रही है। उन्होंने पंकज की जान को भी खतरा बताते हुए उसकी सुरक्षा की मांग की। उधर, इस पूरे प्रकरण पर आला अधिकारी मौन साधे हुए हैं। इस मामले में एसएसपी अजय साहनी से भी शिकायत की गई है। 

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