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नोटिस के खिलाफ याचिका का मामला डबल बेंच को किया रेफर, चीफ जस्टिस तय करेंगे कि कब होगी सुनवाई?

संजीवनी टुडे 16-07-2020 18:07:34

पहली बार सुनवाई में पायलट खेमे ने याचिका में संशोधन का वक्त मांगा फिर दोबारा पांच बजे सिंगल बेंच ने सुनवाई की, अब यह मामला डबल बेंच को रेफर कर दिया गया है।


जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी दंगल अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है।सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को नोटिस का मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। विधानसभा स्पीकर के नोटिस के खिलाफ सचिन पायलट खेमा गुरुवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। पायलट समेत 18 विधायकों ने याचिका में स्पीकर के नोटिस को रद्द करने की मांग की, जज सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई हुई। पहली बार सुनवाई में पायलट खेमे ने याचिका में संशोधन का वक्त मांगा फिर दोबारा पांच बजे सिंगल बेंच ने सुनवाई की, अब यह मामला डबल बेंच को रेफर कर दिया गया है।

सचिन पायलेट खेमे याचिका हाईकोर्ट मामला LIVE अपडेट:
-महेश जोशी के वकील एनके मालू ने कहा कि हमने उनकी अमेंडमेंट याचिका का विरोध किया था, मगर कोर्ट ने स्वीकार कर डिविजनल बेंच को भेज दिया है। समय कोई तय नहीं किया गया है, चीफ जस्टिस तय करेंगे कि कब सुनवाई होगी। 

-सचिन पायलट की याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों की बहस खत्म हो चुकी है। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए खंडपीठ को याचिका रेफर कर दी है।

-हरीश साल्वे का कहना है कि याचिका में संशोधन स्वीकार किया जा सकता है, हालांकि अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिका का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि बिना आधार के याचिका को कैसे स्वीकार किया जा सकता है। 

दरअसल, पायलट खेमे के विधायक पी आर मीणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी है, नोटिस मामले की दोपहर तीन बजे से जज सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही टाल दी गई।  इससे पहले कोर्ट में विधानसभा स्पीकर की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखा। वहीं, बागी विधायकों की दलीलें हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने रखीं। हरीश साल्वे ने कहा कि सदन से बाहर की कार्यवाही के लिए अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते। नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं है। इस दौरान कोर्ट से दो जजों की बेंच की मांग की गई थी।

दरअसल, राज्य विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने कांग्रेस के बागी 19 विधायकों को विधायक दल की बैठक में नहीं आने पर नोटिस जारी किया है। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की याचिका पर उन्होंने नोटिस जारी किए, इसके बाद विधायकों को वॉट्सएप पर ये भेजे गए और उनके घरों पर भी चस्पा कर दो दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, अब जब मामला कानूनी हो गया है तो कांग्रेस को भी उम्मीद दिख रही है। 

राजस्थान में कांग्रेस से बगावत करने वाले सचिन पायलट व उनके खेमे के अधिकांश विधायक भाजपा में जाने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते पायलट को सामने आकर यह बात स्वीकार करनी पड़ी। इसकी वजह इन विधायकों की स्थानीय सियासत बड़ा कारण है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के कई विधायक पायलट के समर्थन में हैं लेकिन भाजपा में जाने को तैयार नहीं हैं। मंत्री पद से हटाए गए रमेश मीणा, निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की सियासत का आधार भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ रहना है। 

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