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लाइट, साउंड एंड मल्टीमीडिया शो शुरू करने के टेंडर का मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचा

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 08-12-2019 15:33:27

लाइट, साउंड एंड मल्टीमीडिया शो शुरू करने के टेंडर का मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचा


जयपुर। राजस्थान में लाइट, साउंड एंड मल्टीमीडिया शो शुरू करने के प्रोजेक्ट में टेंडर को लेकर पयर्टन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और राजस्थान पयर्टन विकास निगम (आरटीडीसी) के प्रबंध निदेशक कुंज बिहारी पांड्या के बीच खींचतान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है और यह मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास पहुंच गया है।

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सिंह ने इस मामले में शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाई हैं और कहा है कि ऐसे ही चलता रहा और इस मामले में जब तक कोई निर्णय नहीं हो जाता, वह पयर्टन भवन भी नहीं जायेंगे। उन्होंने मीडिया से दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इसमें कई अनियमितताएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारी मनमानी कर रहे है। 

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मंत्री की बात नहीं मानने का कौनसा अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से विभाग चला रहे है और इसमें चौकीदार की तरह बैठे है और इसे कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने इस मामले में नाराजगी जताते हुए कहा कि जब इस मामले में अनियमितताएं सामने आ रही है, इसके बावजूद अधिकारी मनमानी कर रहे हैं तथा सरकार के खिलाफ जा रहे है। 

सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे से बात की। मुख्यमंत्री को तथ्य बता दिये गये है और अपनी पीड़ा से उनको अवगत करा दिया गया है, अधिकारियों का ऐसा व्यवहार असहनीय है और मेरे जैसे स्वाभीमान व्यक्ति को ये कतई सहन नहीं है। उन्होंने विभाग की अनियमितता को पकड़ा है तथा मामले में भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

सिंह ने कहा कि उन्होंने जब से विभाग का जिम्मा संभाला हैं तब से विभाग को ऊंचा लाने के प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए गत दिसम्बर में कमेटी बनाकर प्रयास शुरु कर दिये थे, लेकिन अधिकारियों के साथ वार्तालाप नहीं होने के कारण आरटीडीसी घाटे में चल रहा है। गरीब कर्मचारियों को चार महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा है, इसके लिए किसी को चिंता नहीं है।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में विभाग की ओर से उन्हें जवाब देना है और उन्हें झूठा जवाब देने के लिए कहा जायेगा लेकिन वह झूठा जवाब नहीं देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह इस उम्र में भी सरकार और जनता के लिए मेहनत कर रहे हैं और गुड गर्वनेंस का अवार्ड मिला है। लेकिन अधिकारियों के निकम्मेपन और भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री खुद को सोचना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लाइट, साउंड एंड मल्टीमीडिया शो शुरू करने के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट के लिए दूसरी बार निविदा निकाली गई लेकिन सिंह ने इसमें अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ दिन पहले इसकी प्रक्रिया रोकने के लिए पांड्या को पत्र लिखा था। लेकिन इसका कोई जवाब नहीं मिला और प्रक्रिया जारी रही।

इसके बाद सिंह कड़ी आपत्ति जताते हुए न केवल निविदा रद्द करने की बात कही है बल्कि मामले में कार्रवाई की बात भी कही है। सिंह ने यह भी कहा कि विभाग में इतने अधिकारियों की जरुरत भी नहीं हैं।

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