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प्रशासन की लापरवाही लील गई महिला की जिंदगी, 20 घंटे गौशाला के दरवाजे पर पड़ा रहा शव

संजीवनी टुडे 03-06-2020 21:50:54

एकांतवासियों के प्रति प्रशासन की लापरवाही एक महिला की जिंदगी लील गया। वह अपने परिवार के साथ गांव से दूर गौशाला में एकांतवास पर थी। कुछ दिन पहले उसकी तबियत खराब हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दवाइयां देकर केवल औपचारिकता ही निभाई।



पौड़ी। एकांतवासियों के प्रति प्रशासन की लापरवाही एक महिला की जिंदगी लील गया। वह अपने परिवार के साथ गांव से दूर गौशाला में एकांतवास पर थी। कुछ दिन पहले उसकी तबियत खराब हुई थी।  स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दवाइयां देकर केवल औपचारिकता ही निभाई। विभाग ने इस दौरान महिला व उसके स्वजनों का कोरोना सैंपल लेना भी मुनासिब नहीं समझा। अब स्वास्थ्य विभाग कोरोना सैंपल लेने की बात कह रहा है।  

थलीसैंण विकासखंड के मासों गांव की पूजा अपने पति, जेठानी व जेठानी के दो बच्चों के साथ गौशाला में एकांतवास पर थी। 27 मई को उसकी तबियत खराब हुई थी। तब वहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औपचारिता के लिए केवल पूजा को कुछ दवाइयां दी। किसी का भी कोरोना सैंपल नहीं लिया गया। पूजा के पति भगवती प्रसाद ने बताया कि एकांतवास के दौरान वह भोजन सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं स्वयं ही कर रहे थे। भगवती ने बताया कि गांव के स्कूल में संस्थागत एकांतवास केंद्र बनाया गया था, लेकिन वहां भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें गांव से कुछ दूर एक गौशाला में एकांतवास किया गया। लेकिन प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें सुविधाएं नहीं दी गई। सीएमओ डॉ. मनोज कुमार बहुखंडी का कहना है कि जब महिला परिवार सहित दिल्ली से गांव पहुंची थी तब सभी लोग स्वस्थ थे, इसलिए किसी का कोरोना सैंपल नहीं लिया गया। अब सैंपल लिया जाएगा। 

20 घंटे गौशाला के दरवाजे पर पड़ा रहा शव: 

पूजा की मौत ने प्रशासन की गंभीरता की पोल खोल कर रख दी। पूजा का शव करीब 20 घंटे गौशाला के दरवाजे पर ही पड़ा रहा। शव को जिला चिकित्सालय तक लाने के लिए प्रशासन वाहन तक उपलब्ध नहीं करा पाया। मंगलवार देर रात करीब 11 बजे पूजा की मौत हो गई थी। इसकी सूचना पूजा के स्वजनों ने प्रधान को दे दी थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार सुबह गांव पहुंची। पूजा का शव शाम 6 बजे तक गौशाला के दरवाजे पर ही पड़ा रहा। पूजा के पति भगवती प्रसाद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया जाना था। वाहन की व्यवस्था के लिए उन्होंने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक सभी से गुहार लगाई। लेकिन उन्हें दिनभर आश्वासन व बहाने की दिए जाते रहे। शाम 6 बजे एंबुलेंस मिल पाई। वहीं डीएम धीरज सिंह गर्ब्याल ने इस प्रकरण में जानकारी लिए जाने की बात कही है। एंबुलेंस न मिलने की बात पर डीएम ने कहा कि वाहन अन्य मरीजों को ले जाने में व्यस्त था। इसलिए वाहन नहीं मिल पाया। थलीसैंण विकासखंड की एंबुलेंस खराब थी। अन्य विकासखंड से एंबुलेंस भेजी गई है। 

सीएमओ का कहना है कि मासों गांव निवासी पूजा अपने पति भगवती प्रसाद, जेठानी माया देवी व जेठानी के दो बच्चों के साथ गांव के गौशाला में एकांतवास थी। वह  18 मई को दिल्ली से लौटी थी। 27 मई को पूजा की तबियत खराब हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूजा को दवाइंया दी थी। लेकिन मंगलवार रात 11 बजे पूजा की मौत हो गई।  

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