संजीवनी टुडे

पुलिस कर्मचारियों की संवेदनाएं समाज के समक्ष प्रकट हो: गृह राज्यमंत्री

संजीवनी टुडे 25-02-2019 17:37:25


मुंबई। महाराष्ट्र के पहले पुलिस साहित्य सम्मेलन का आय़ोजन यशवंतराव चव्हाण सभागृह में हुआ। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह राज्यमंत्री दीपक केसकर ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपने अंदर की भावनाओं और संवेदनाओं को भी समाज के समक्ष प्रकट करना चाहिए। 

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उनके अंदर की अभिजात्य कलाओं के साथ ही समाज के विभिन्न घटकों के साथ संवाद स्थापित होना चाहिए, जिससे समाज में सौहार्द का वातावरण निर्माण होगा। इसी उद्देश्य से पुलिस विभाग के लिए यह पहला साहित्य सम्मेलन आयोजित किया गया है। 

सोमवार को यशवंतराव चव्हाण सभागृह में राज्य पुलिस की ओर से आयोजित पहले पुलिस साहित्य सम्मेलन का शुभारंभ राज्यमंत्री दीपक केसकर के हाथों हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस गर्मी, बरसात हर मौसम में रात-दिन 12 से 16 घंटे काम करते हैं। 

इस सम्मेलन के माध्यम से पुलिस के मन की भावनाएं प्रकट होंगी। उनकी समस्याओं को दूर करने और उनकी ओर से आयोजित साहित्य सम्मेलन के कारण उन्हें एक मंच उपलब्ध हो रहा है। इसका लाभ पुलिसकर्मियों को जरूर मिलेगा। साहित्य सम्मेलन को भी विभिन्न स्तरों पर बढ़ावा मिलेगा। 

महाराष्ट्र के पुलिस महासंचालक दत्ता पडसलगीकर ने कहा कि लिखने की शुरुआत पुलिस स्टेशन में केसेस लिखने से ही होती है। लेकिन अक्सर पुलिस अधिकारियों की ओर से लिखा गया कोई भी लेखन सामने नहीं आ पाता, साहित्य सम्मेलन के माध्यम से ही उनकी लेखन क्षमता बाहर आई है। यह साहित्य सम्मेलन महाराष्ट्र पुलिस के लिए अभिमान की बात है। पुलिस कर्मचारी अपना काम करते हुए कुछ न कुछ लिखते ही रहते हैं। यही हमारी सफलता है। 

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कर्मचारियों के तनाव को कम करने उनकी भावना और इच्छा को प्रकट करने के लिए भी यह ऐतिहासिक सम्मेलन है। भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस मुख्यालय से यशवंतराव चव्हाण सभागृह मार्ग पर दिंडी यात्रा (पारंपरिक कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महासंचालक दत्ता पडसलगीकर सहित सभी बड़े पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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