संजीवनी टुडे

अपने आप को ज्ञानी समझने वाले का विकास रुक जाता है- मुनि पुंगव सुधासागर

संजीवनी टुडे 23-05-2019 19:52:46


भीलवाड़ा। दिगम्बर जैन संत 108 मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने कहा कि जो तुम आज हो वही कल भी रहोगे, तुम्हारा कुछ भी घटने वाला नहीं है। जो व्यक्ति यह कहता है कि मुझे सब कुछ आता है उसका विकास रुक जाता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति यह कहता है कि मुझे कुछ नहीं आता है वह समझ गया कि दुनिया में बहुत कुछ है, मैं तो थोड़ा सा भी नहीं जानता हूं। मुझे नहीं मालूम दुनिया में क्या है? सब कुछ सही है। 

मुनिश्री गुरुवार को चन्द्रशेखर आजादनगर स्थित मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुनि के मुखारविंद से जिस प्रतिमा की महिमा का बखान कर दिया जाए वहां लाखों भक्त पहुंच जाते हैं । उन्होंने कहा कि काले कपड़े पर रंग डालने से मजा नहीं आता जबकि सफेद कपड़े पर रंग डालने से मजा आता है। इस प्रकार जो व्यक्ति उज्ज्वल छवि वाला हो उसे लोग खराब करना चाहते है जबकि पापी की छवि को कोई खराब नहीं करना चाहता है। यह रंग उसके पाप पर नहीं डाला जाता बल्कि उसकी पवित्रता पर डाला जाता है। इससे उसकी पवित्रता खत्म हो जाती है और वह कलंकित हो जाता है। सज्जन व्यक्ति की कोई बुराई करता है तो हमारे अंदर से आश्चर्यजनक आवाज निकलती है तो समझना चाहिए कि वह सही व्यक्ति है। हम अगर पापी को मारे तो कोई चर्चा नहीं होती है लेकिन यदि किसी उच्च पवित्र को मारे तो चर्चा होगी।

रावण यदि किसी दूसरी स्त्री को उठा ले जाता तो कोई चर्चा नहीं होती मगर एक पवित्र आत्मा सीता माता को उठाने से चर्चित हो गया। उसने अपना यश पाने के लिए ऐसा किया  नाम दोनों को चाहिए पापी वह पुण्य आत्मा को, पापी की भावना होती है अधिक से अधिक पाप करना जबकि पवित्र की भावना होती है कि अधिक से अधिक पुण्य कार्य करू। सीता माता को दूसरी बार वनवास जाना पड़ा लेकिन यह कलंक रावण ने नहीं लगाया बल्कि अयोध्या के एक व्यक्ति के कारण लगा जो माता सीता को माता जैसा नहीं समझ पाया।  मुनिश्री ने कहा कि तुमने साधु के बारे में तो बहुत पढ़ा एक बार पापी के बारे में भी पढ़ लो की वह पाप कैसे करता है। जिस प्रकार पुलिस वाले सब तरीके जानते हैं कि अपराधी अपराध कैसे करता है तभी तो अपराधी को पकड़ पाते हैं। इसी प्रकार यदि तुम जैन दर्शन को पाना चाहते हो तो पहले पापी व पाप को समझो। इनको समझकर सच्चे देव को समझो ताकि तुम मिथ्या दृष्टि देवों के पास नहीं जाकर सच्चे देव गुरु शास्त्र को समझ जाओगे। जिनेंद्र के वंशज हो तो जिनेंद्र को ही मानना चाहिए, दूसरे को नहीं। अपनी जिनवाणी जिनेंद्र देव  गुरुदेव पर विश्वास करो। असत से सात की ओर चलों। 

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संयोजक प्रवीण चैधरी ने बताया कि 24 मई शुक्रवार को पंचकल्याणक के सभी पात्रों की बिंदोली चंद्रशेखर आजाद नगर मंदिर के जुलूस के रूप में प्रारंभ होकर चंद्रशेखर आजाद नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेगी। बाद में सभी पात्रों की गोद भराई कार्यक्रम होगा। मुनि ससंघ के सानिध्य में श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति की ओर से 26 से 31 मई तक चन्द्रशेखर आजादनगर स्थित मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव होगा।

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