संजीवनी टुडे

समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजना का लाभ मिले- नेहा गिरि

संजीवनी टुडे 06-08-2019 21:16:45

एक्शन प्लान जिस चीज के लिए बनाया जा रहा है वह तय सीमा अवधि के तहत पूरा होना चाहिए।


धौलपुर। आकांक्षात्मक जिले के रूपांतर के संबंध में नीति आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत किए गए अथक प्रयासों से जिले की जो रैकिंग आई है जिले को आकांक्षात्मक जिले से बाहर लाने के लिए नीति आयोग द्वारा 5 करोड़ रूपये की राशि से कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास कार्य कराने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के संबंध में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर नेहा गिरि की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। 

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उन्होंने जिले को आकांक्षात्मक से बाहर लाने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मौलिक आवश्यकताओं के संबंध में संचालित योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ सभी पात्रों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्वास्थ्य के विकास के साथ ही जिले को अग्रीण श्रेणी में लाने के लिए बेहतर प्रयास किए जाए। इसलिए अच्छा एवं बेहतर प्रोजेक्ट का एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें समाज के अशिक्षित व असहाय लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचानी होगी और लोगों को जागरूक करना होगा, ताकि वे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजना का लाभ मिले।

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उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रूपये की राशि के लिए बैंक खाता होना चाहिए। इसके लिए खाता खुलवाया जाना सुनिश्चित करें। एक्शन प्लान जिस चीज के लिए बनाया जा रहा है वह तय सीमा अवधि के तहत पूरा होना चाहिए। प्रोजेक्ट ऐसा बनाना होगा जिससे अधिक से अधिक लोग लाभ ले सकें। उन्होंने कृषि एवं पशुपालन अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में पशुआहार के विकल्प की खोज में एक विस्मयकारी फर्न-अजोला सदाबहार चारे के रूप में उपयोगी हो सकता है। दूध की बढ़ती मांग के लिए आवश्यक है कि पशुपालन व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाया जाए। इसमें प्रकृति प्रदत्त अजोला की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यह सर्वविदित है कि पशुओं के संतुलित आहार में हरे चारों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 5 प्रकार के फल व सब्जी उगाकर गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में भवन है व भवन के पास खाली भूमि है उनमें इसको मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में तैयार कराया जाए। इसके लिए बीज कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाए।

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उन्होंने पशुपालन संयुक्त निदेशक सुनील माटा को निर्देश देते हुए कहा कि झाड़ोल के बाघपुरा में बकरी दूध संकलन से लेकर बेचने का पूरा काम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करती है। पशुपालन विभाग, सरस डेयरी व राजीविका के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के बकरी पालकों से बकरी दूध का संग्रहण केन्द्र का एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए बकरी का दूध एंटीएलर्जिक है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन ए, बी, सी और डी की मात्रा गाय-भैंस के दूध से ज्यादा होती है। उन्होंने अधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग अशोक कुमार जैन को निर्देश देते हुए कहा कि सरमथुरा एवं बाड़ी क्षेत्रा में लगे गैंगसा यूनिट इकाईयों द्वारा डंपिग यार्ड में डाले जाने वाले स्लरी को सड़क निर्माण कार्य एवं भवन निर्माण कार्य में उपयोग लेने के लिए प्लान तैयार किया जाना सुनिश्चित करें।

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इससे गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए और बेहतर प्रयास किए जाए। ग्राम सभाओं का आयोजन कर कौशल विकास के विभिन्न ट्रेडों के लिए 11 एवं 12वीं के अध्ययनरत छात्रा-छात्राओं से आवेदन लेकर उनको दक्ष किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिवचरण मीना, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राजेश चौहान, नीति आयोग के नोडल अधिकारी  एवं मुख्य आयोजना अधिकारी अशोक शर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

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