संजीवनी टुडे

‘रुकिए...रुकिए....भाई, क्यों जान जोखिम में डाल कर रहे हैं सफर’

संजीवनी टुडे 23-05-2020 06:09:00

रुकिए...रुकिए...., भाई क्यों जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हो। हम आपकी सेवा में तत्पर हैं। सुरक्षित गंतव्य तक खुद भी पहुंचे और अपने मासूम बच्चों व महिलाओं को भी सफर की दुश्वारियां से बचाएं।


उन्नाव/कानपुर। रुकिए...रुकिए...., भाई क्यों जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हो। हम आपकी सेवा में तत्पर हैं। सुरक्षित गंतव्य तक खुद भी पहुंचे और अपने मासूम बच्चों व महिलाओं को भी सफर की दुश्वारियां से बचाएं। चिलचिलाती धूप से बचते हुए भोजन-पानी ग्रहण करें और जोखिम भरे वाहनों से ना चलकर बसों से हम आपको घर तक पहुंचाएंगे।

यह बातें आईपीएस व उन्नाव जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) धवल जायसवाल 120 पुलिस कर्मियों के साथ मुस्तैद होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले प्रवासियों से शुक्रवार को कहते दिखाई दिए।

दरअसल, योगी सरकार गैर प्रांतों से आ रहे प्रवासियों को सुरक्षित घर पहुंचा रही है। लेकिन चिलचिलाती धूप में घर पहुंचने की उत्सुकता इन दिनों प्रवासियों के निकलने वाले हुजूम में देखी जा रही है। ऐसे में प्रवासी जान जोखिम में भी डाल कर ट्रकों, पिकअप व अन्य जोखिम भरे संसाधनों पर सवार देखे जा रहे हैं। प्रवासियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कानपुर उन्नाव सीमा पर 120 पुलिसकर्मी एस्कॉर्ट सेवा के तहत सुरक्षित सफर व वाहन मुहैया करा रहे हैं। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उन्नाव की सीमा में प्रवेश करते प्रत्येक वाहनों को पुलिसकर्मी बैरियर लगाकर रोकते हैं। सुरक्षित प्रवासियों व अन्य वाहन सवारों को सफर करने की एएसपी धवल जायसवाल खुद अपील करते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश का सख्ती से पालन कराया जा रहा। प्रवासियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए एक्सप्रेस वे पर पुलिस नियंत्रण गश्त क्षेत्र (कानवाई व्यवस्था) लागू की गई है, ताकि हादसों की घटनाएं रोकी जा सके। सुरक्षित यात्रा के लिए यहां से लखनऊ तक जाने के लिये 10 एस्कार्ट पुलिस सेवा की व्यवस्था की गई है। यह एस्कार्ट प्रवासियों के साथ निजी वाहन सवारों के आगे चलता है और उन्हें निश्चित गति के साथ सुरक्षित गन्तव्य तक पहुंचाने के बीड़ा उठाता है। इस दौरान 70 किमी. के सफर में चार बैरियर लगाए गए हैं जो इस कानवाई व्यवस्था का प्रबन्धन करता है।

बताया कि जो वाहन नियम का पालन नहीं करते उनका चालान भी किया जाता है। जो वाहन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं होते, उन वाहनों से यात्रियों को उतारकर सरकारी बस द्वारा उनके गन्तव्य तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए नियमित रूप से सरकारी बसें एक्सप्रेस वे पर खड़ी रहती हैं। पुलिस द्वारा जनसहयोग से इन यात्रियों को भोजन और पानी भी उपलब्ध कराया जाता है। रात्रि में 10 बजे से भोर के चार बजे तक यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों का परिचालन रोक दिया जाता है। एएसपी ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर ड्यूटी पर तैनात 120 पुलिसकर्मी दिन-रात अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ पूरा कर रहे हैं।

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