संजीवनी टुडे

शिवावतारी बाबा गोरखनाथ मंदिर का उनके राज्य से सीधा जुडाव है:जयराम ठाकुर

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 04-12-2019 19:27:14

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि गोरखपुर के शिवावतारी बाबा गोरखनाथ मंदिर का उनके राज्य से सीधा जुडाव है।


गोरखपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि गोरखपुर के शिवावतारी बाबा गोरखनाथ मंदिर का उनके राज्य से सीधा जुडाव है। ठाकुर बुद्धवार को यहां महाराणा प्रताप इंटर कालेज के संस्थापक-सप्ताह समारोह के शुभारम्भ पर अपने सम्बोधन में कहा कि बाबा गोरखनाथ का आगमन गोरखपुर हिमाचल प्रदेश में स्थित सूदूर पहाडियों से हुआ था । 

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इसलिए गोरखपुर का सीधा जुडाव हिंमाचल से है। उन्होंने भारतीय समाज को संत परम्परा की सर्वसमाज हितकारी और कल्याणकारी दर्शन को लोगों के बीच में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि प्रताप शिक्षा परिषद 20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में ही सामाजिक पुनर्जागरण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रान्ति का सूत्रपात ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ ने किया और महन्त अवैद्यनाथ ने महन्त दिग्विजयनाथ के सपनों को पूरा किया।

ठाकुर ने कहा कि गोरक्षपीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ के यशस्वी परम्परा के विकास के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में एक नयी कार्य संस्कृति के देवदूत बनकर उभरे हैं। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् उसी क्रान्ति की एक कड़ी है।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की स्थापना की सूत्रधार रही शिक्षा परिषद का संस्थापक समारोह उस वट वृक्ष की गरिमा को ही प्रतिष्ठित करता है। श्री गोरक्षपीठ द्वारा भावी पी-सजय़ी के निर्माण के प्रति सजगता राष्ट्री विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश के मान सम्मान की वृद्धि के लम्बे इतिहास में इस पीठ की ऐतिहासिक भूमिका रही है देश य पुननिर्माण की दिशा में अत्यन्त ही प्रभावी प्रयास है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ एक ऐसी धार्मिक पीठ है जिसने देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आधुनिक भारत के जब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था और आजादी के बाद आने वाली चुनौतियों को इस पीठ के युगद्रष्टा पीठाधीश्वरों ने देखा, समझा और उसको स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ उसी पीठाधीश्वरों की यशस्वी पीठ के नायक है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की स्थापना शिक्षा, सेवा एवं सामाजिक परिवर्तन में संत परम्परा को प्रतिबिम्बित करने के लिए किया गया था। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की नये भारत गढ़ने वाली एवं समृद्ध और समर्थ राष्ट्र के लिए समर्पित युवा पीढ़ी का शारीरिक एवं मांनसिक दृष्टि से उत्कृष्टता के साथ ही साथ आत्मानुशासन का अभिनव प्रयोग शोभा यात्रा के माध्यम से दृष्टिगत होता है।

ठाकुर ने कहा कि गोरक्षपीठ ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा और साधना का जो प्रतिमान खड़ा किया है, वह अद्वितीय है, अद्भुत है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं में अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि आप प्रयत्न कर बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल करें।

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