संजीवनी टुडे

अमरनाथ गुफा के भीतर बर्फ का शिवलिंग पूरा, साल 2020 की पहली तस्वीर आई सामने

संजीवनी टुडे 04-06-2020 04:07:00

कोरोना वायरस संकट के बीच बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें देखने को मिली हैं। लॉकडाउन के कारण अमरनाथ यात्रा को लेकर देशभर के भक्तों के मन में संशय बना हुआ है।


श्रीनगर। कोरोना वायरस संकट के बीच बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें देखने को मिली हैं। लॉकडाउन के कारण अमरनाथ यात्रा को लेकर देशभर के भक्तों के मन में संशय बना हुआ है। अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि निर्धारित तारीख से यात्रा की अनुमति मिलेगी या नहीं। इसी बीच बाबा बर्फानी की इस साल की पहली तस्वीर सामने आ चुकी है।

तस्वीरों में अमरनाथ गुफा और उसके ठीक पहले का इलाका नजर आ रहा है, चारों ओर बर्फ है और गुफा के भीतर बर्फ का शिवलिंग पूरा बन चुका है। हालांकि ये तस्वीरें किसने ली हैं ये पता नहीं चल पाया है। इस बार श्राइन बोर्ड पारंपरिक पहलगाम के रास्ते की बजाय बालटाल रूट से अमरनाथ यात्रा का प्रस्ताव दिया है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के तय शेड्यूल में 23 जून को यात्रा को शुरू करना प्रस्तावित है। अमरनाथ यात्रा को लेकर सभी की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं।

SRIBABA

लॉकडाउन को लेकर केंद्र के निर्देश के अनुसार ही यात्रा पर फैसला लिया जाएगा। 22 अप्रैल को अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा को कैंसिल करने की एक प्रेस रिलीज जारी की थी। जिसे बाद में वापस ले लिया था। सूत्रों के मुताबिक श्राइन बोर्ड ने इस बार कोरोना के चलते यात्रा का समय सिर्फ 15 दिन करने का प्रस्ताव दिया है। जिसमें ये भी कहा है कि यात्रा सिर्फ बालटाल रूट से करवाई जाए। गौरतलब है कि यात्रा का पारंपरिक रास्ता पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी से होकर जाता है।

SRIBABA

जम्मू कश्मीर में 407 पॉजिटिव मरीज हैं जिनमें से 351 सिर्फ कश्मीर से हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अप्रेल को शुरू होने थे। यात्रा शुरू होने के महीने पहले रूट से बर्फ हटाने का काम हो जाता है जबकि इस बार वहां अभी भी कई फीट बर्फ मौजूद है। इससे पहले पिछले साल केंद्र सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए धारा 370 हटाने के ठीक 3 दिन पहले अगस्त में अमरनाथ यात्रा रोक दी थी। यात्रा रुकने से पहले 3.5 लाख लोग पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके थे।

SRIBABA

बता दे, 1994 में हरकत उल अंसार के आतंकवादी हमले में दो यात्रियों की मौत हो गई।1995 में हरकत उल असंार ने तीन हमलों को अंजाम दिया, हांलाकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। 1996 में भी ऐसे कई हमले अमरनाथ यात्रा पर हुए लेकिन किसी तरह की क्षति नहीं हुई। अगस्त 2000 में पहलगाम बेस कैम्प पर हुए हमले में 30 यात्रियों की मौत हो गई थी। वहीं 2001 में शेषनाग के पास आतंकियों ने हमला किया था जिसमें तीन पुलिसवालों समेत 12 यात्रियों की मौत हुई थी। वहीं लगातार तीसरे साल 2002 में आतंकवादियों के दो अलग-अलग हमलों में दस यात्री मारे गए थे। वहीं, तीन साल पहले 2017 में अनंतनाग के पास आतंकवादियों ने यात्रियों की बस को निशाना बनाया था जिसमें आठ यात्री मारे गए थे जबकि 18 घायल हुए थे।  

यह खबर भी पढ़े: ट्रक से 27 लाख की अवैध संतरा मसाला शराब जब्त, दो आरोपित गिरफ्तार

यह खबर भी पढ़े: बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार व हत्या के आरोपी डॉक्टर की जमानत खारिज

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From state

Trending Now
Recommended