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कोरोना की वैक्सीन विकसित करने वाली टीम का हिस्सा बनी बंगाली मूल की वैज्ञानिक

संजीवनी टुडे 31-05-2020 14:44:00

कोरोना निवारण के लिए लंदन में बन रही वैक्सीन विकसित करने वाली टीम का हिस्सा बंगाली मूल की एक वैज्ञानिक बनी है।


कोलकाता। कोरोना निवारण के लिए लंदन में बन रही वैक्सीन विकसित करने वाली टीम का हिस्सा बंगाली मूल की एक वैज्ञानिक बनी है। उनका नाम चंद्रबली दत्ता है। उनका जन्म कोलकाता में ही हुआ था। फिलहाल वह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर है। लंदन में कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन बनाई जा रही है। चंद्रबली उसी टीम का हिस्सा है। 

कोरोना वायरस से रक्षा करने वाले टीके की खोज करने की परियोजना पर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की टीम काम कर रही है। दत्ता ने कहा कि वह इस मानवीय उद्देश्य का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस करती हैं जिसके नतीजों से दुनिया की उम्मीदें जुड़ी हैं। दत्ता विश्वविद्यालय के जेन्नेर इंस्टीट्यूट में क्लीनिकल बायोमैन्चुफैक्चरिंग फैसिलिटी में काम करती हैं जहां कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सीएचएडीओएक्स-1 एनसीओवी-19 नाम के टीके के मानवीय परीक्षण का दूसरा और तीसरा चरण चल रहा है। क्वालिटी एस्युरेंस मैनेजर के तौर पर 34 वर्षीय दत्ता का काम यह सुनिश्चित करना है कि टीके के सभी स्तरों का अनुपालन किया जाए। 

दत्ता ने कहा कि हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि यह अगले चरण में कामयाब होगा, पूरी दुनिया इस टीके से उम्मीद लगा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का हिस्सा बनना एक तरह से मानवीय उद्देश्य है। हम गैर लाभकारी संगठन हैं, इस टीके को सफल बनाने के लिए हर दिन अतिरिक्त घंटों तक काम कर रहे हैं ताकि इंसानों की जान बचाई जा सकें। यह व्यापक तौर पर सामूहिक प्रयास है और हर कोई इसकी कामयाबी के लिए लगातार काम कर रहा है। मुझे लगता है कि इस परियोजना का हिस्सा होना सम्मान की बात हैं’।

दत्ता ने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि महिलाओं को हर स्तर पर मजबूती से काम करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। 

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