संजीवनी टुडे

मध्यप्रदेश विधानसभा में तबादलों को लेकर हंगामा, जमकर हुई नोंक-झोक

संजीवनी टुडे 12-07-2019 18:55:03

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे अधिकारियों को तबादलों को लेकर जमकर हुआ।


भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे अधिकारियों को तबादलों को लेकर जमकर हुआ। इस मुद्दे को लेकर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोंक-झोक हुई। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया और सत्र का संचालन सुचारू हुआ, लेकिन बजट चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष के एक बयान से फिर सदन में हंगामा शुरू हो गया। कुल मिलाकर शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। 

मध्यप्रदेश की पंचद्रहवीं विधानसभा के तीसरा सत्र में शुक्रवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान विधायकों द्वारा निजी क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों के वेतन वृद्धि, शिक्षकों के स्थानांतरण, सामुदायिक भवनों की स्वीकृति, अवैध खनन और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाये गये, जिनका मंत्रियों द्वारा जवाब दिया गया, लेकिन रीवा के गुढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक नागेन्द्र सिंह द्वारा पूछे गए सवाल पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। हालांकि उनका मूल प्रश्न अवैध उत्खनन को लेकर था, लेकिन उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पैसे लेकर किये जा रहे हैं और यह पूरे प्रदेश की जनता कह रही है। इस पर मंत्रियों ने आपत्ति जताई।

वहीं, विपक्ष द्वारा सदन में कांग्रेस सरकार द्वारा चुनावी वचन पत्र में किये गये वायदे याद दिलाए, जिस पर मंत्रियों ने कहा कि सरकार के पास अभी पांच साल का समय है। इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार का भरोसा नहीं है कि वह कब तक चलेगी। बीच में सरकार गिर भी सकती है। वहीं, भाजपा विधायक पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सदन में कहा है कि गोवा से मानसून उठा है, जो कर्नाटक होते हुए मध्यप्रदेश की ओर अग्रसर है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर नोंक-झोक हुई। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की बात पर पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि मानसून गोवा से नहीं बंगाल से आता है। वहीं उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 12 से 15 विधायक हमारे संपर्क में है, हमारी सरकार मजबूत और पूरे पांच साल चलेगी। वहीं मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि कुछ नहीं होने वाला। वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि गोवा, कर्नाटक और बिहार में बीजेपी अपने चरित्र का प्रदर्शन कर चुकी है। सत्ता के बिना बीजेपी बिन पानी मछली की तरह हो गई है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को शांत कराया और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ा दी। 

इसके बाद सदन में राज्य सरकार द्वारा पेश किये गये बजट पर चर्चा हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बयान पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा कर दिया। गोपाल भार्गव ने कहा कि सभी मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बना दिया। विधायकों को खिलने पिलाने का काम किया जा रहा है, यह सरकार खोखली है। विधायकों को खिलाने पिलाने की जिम्मेदारी मंत्रियों को दी गई है। गोपाल भार्गव के बयान पर विधायकों ने आपत्ति जताई और सदन में जमकर हंगामा किया। वहीं, सीएम कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि खिलाने पिलाने की परंपरा बीजेपी की रही है। आप इस परंपरा से अच्छी तरह बाकिफ हैं। मेरे सभी मंत्री कैबिनेट मंत्री बनने लायक हैं, इसलिए कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। विधायकों को कोई समस्या न हो, इसलिए कुछ मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। अपने बयान पर हंगामा होने पर गोपाल भार्गव ने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। खिलाने पिलाने का मतलब केयर टेकर से है। वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस बयान को विधायकों का अपमान बताया।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From state

Trending Now
Recommended