संजीवनी टुडे

राम मन्दिर को लेकर मुस्लिमों के हस्ताक्षर अभियान का रामदेव ने किया स्वागत, विरोध में शंकराचार्य

संजीवनी टुडे 16-06-2019 16:18:29

अयोध्या में राम जन्मभूमि मन्दिर के निर्माण को लेकर इन दिनों चर्चाएं जोरों पर हैं। मुस्लिम संगठन के लोगों ने मन्दिर निर्माण के लिए हिंदुओं को सौगात पूर्वक जमीन सौंपने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया है


हरिद्वार। अयोध्या में राम जन्मभूमि मन्दिर के निर्माण को लेकर इन दिनों चर्चाएं जोरों पर हैं। मुस्लिम संगठन के लोगों ने मन्दिर निर्माण के लिए हिंदुओं को सौगात पूर्वक जमीन सौंपने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत राम जन्मभूमि को हिन्दुओं को देने की बात कही जा रही है। जिसे लेकर कई लोग समर्थन और विरोध में उतर आए हैं। 

इस अभियान का बाबा रामदेव ने स्वागत किया है, तो वहीं शारदा द्वारका पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती इस अभियान से सहमत नहीं हैं। मुस्लिम संगठनों के हस्ताक्षर अभियान का जहां बाबा रामदेव ने खुलकर समर्थन किया है, तो शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने हस्ताक्षर अभियान का खुलकर विरोध किया है, लेकिन उनके शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुस्लिम समाज के इस अभियान का समर्थन किया था। 

रविवार को शंकराचार्य ने साफ कर दिया कि अविमुक्तेश्वरानंद भी उसी बात का समर्थन करेंगे। जिसका स्वरूपानंद सरस्वती शंकराचार्य समर्थन करेंगे। मामले को लेकर बाबा रामदेव का कहना है कि हिन्दू और मुस्लिम के बीच सद्भावना, भाइचारे, एकता से ही देश आगे बढ़ेगा।

 मुस्लिम संगठन की इस पहल का वो स्वागत करते हैं। मुस्लिम समाज भी मानता है, कि अयोध्या में जो भूमि है। वो श्रीराम की जन्मभूमि है। ऐसे में मुस्लिम तीर्थ का होना तो संभव नहीं है। मक्का मदीना समेत कई जगह मुस्लिमों के तीर्थ हैं और भारत में राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ तीर्थ हैं। उन्होंने कहा कि राम-कृष्ण समेत कई महापुरुष सभी हमारे पूर्वज हैं। अपने पूर्वजों को सम्मान देना सभी हिंदुओं का दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। सदियों से हिंदू-मुसलमान एक साथ रहते आए हैं और आगे भी ऐसे ही रहते आएंगे।

 उधर, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती इस पहल से सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के अभियान का कोई औचित्य नहीं है। जिन मुस्लिम लोगों ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, वो याचिका वापस नहीं लेते हैं। तब तक इस तरह के हस्ताक्षर अभियान की कोई सार्थकता नहीं है। शंकराचार्य स्वरूपानंद का कहना है कि मुस्लिम समाज अयोध्या में मस्जिद निर्माण की बात करता है, लेकिन वहां तो पहले ही मस्जिद बनी हुई है, तो मुसलमानों को वहीं नमाज पढ़नी चाहिए।

 ऐसे में वो जताना चाहते हैं कि जब राम जन्मभूमि पर उनका कब्जा है, तो हस्ताक्षर अभियान क्यों करें। उन्होंने कहा कि मुस्लिम भाई चाहते हैं कि दोनों ही समाज के लोग शांति से रहें, तो गौ हत्या को बन्द करना चाहिए। जिससे उनके साथ हमेशा के लिए समझौता हो जाएगा। वहीं, शंकराचार्य के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद मुस्लिम संगठनों के हस्ताक्षर अभियान को अपना समर्थन दे रहे है। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि उनकी अविमुक्तेश्वरानंद से बातचीत हो चुकी है। दोनों का अपना एक ही मत होगा।

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