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राजस्थान: कोरोना का हॉटस्पॉट बनता झुंझुनू जिला, अब तक 31 लोग कोरोना पॉजिटिव

संजीवनी टुडे 09-04-2020 14:57:51

राजस्थान का झुंझुनू जिला कोरोना वायरस का हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। जिले में अब तक कुल 31 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं जो राजस्थान में जयपुर के बाद सर्वाधिक है।


झुंझुनू। राजस्थान का झुंझुनू जिला कोरोना वायरस का हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। जिले में अब तक कुल 31 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं जो राजस्थान में जयपुर के बाद सर्वाधिक है। एक साथ इतने पॉजिटिव लोगों के मिलने से जिला प्रशासन सकते में है। जिले में बढ़ती कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या को रोक पाने में जिला प्रशासन असहाय नजर आ रहा है। जिले में अब तक कुल 11 स्थानों पर कोरोना पॉजीटिव केस मिल चुके हैं। जिनमें से 6 जगह मंडावा, खेतड़ी, नवलगढ़ व झुंझुनू शहर का कुछ हिस्सा तथा गुढ़ागौडजी व कैरू गांव में कर्फ्यू  लगाया जा चुका है। है। झुंझुनू जिले में सबसे अधिक 7  पॉजिटिव केस झुंझुनू शहर में मिले हैं। जिले के गुढ़ागौडज़ी में 6 मंडावा में 5 खेतड़ी में 4 नवलगढ़ में 2 कैरू गांव में 2 सोटवारा गांव में एक, सिहोडिय़ो की ढाणी बुहाना में एक, इस्माइलपुर में एक, रतन शहर में एक कोरोना पॉजीटिव केस मिल चुका है।

जिले में अब तक मिले कुल 31 कोरोना पॉजिटिव में से 11 लोग विदेश से आए हुये थे। वहीं 11 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित जमात में शामिल होकर आए थे। वहीं 9 लोग जिले में ही रहे हैं लेकिन दिल्ली मरकज में शामिल होकर आये लोगों के संपर्क में आने से कोरोना से संक्रमित हुये हैं। जिले के गुढ़ागोडज़ी कस्बे में तो एक ही परिवार के 5 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जो चिंता का विषय है। इस परिवार का एक सदस्य दिल्ली जमात में शामिल होकर आया था। उसके सम्पर्क में आने से उसके परिवार के चार अन्य सदस्य उसकी मां, पत्नी, भाई,और भाभी भी कोरोना से संक्रमित हो गये।

झुंझुनू जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। जिसे रोक पाने में जिला प्रशासन पूर्णतया फेल हो रहा है। जिला में जहां कहीं भी कोई कोरोना पॉजिटिव मिल जाता है तो जिला प्रशासन उस स्थान पर तो कर्फ्यू लगा देता है मगर बाकी जिले में लाकडाउन का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग धड़ल्ले से घूम रहे हैं। गांवों में दुकानदार मनमर्जी से दुकानें खोल रहे हैं। जिसको कोई रोकने वाला नहीं है। पुलिस की गश्त    शहरों तक ही सिमटी हुई है। सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम के लिए गावों एसा बनाया गया ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप अभी तक सक्रिय नहीं हो पाया है।

जिले में अन्य प्रदेशों व विदेशों से आए हुए लोगों की सही सूची अभी तक भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है। जिससे उनको निगरानी में नहीं लिया जा सका है। जिले के गांव में अभी तक सोडियम हाइपोक्लोराइट दवा का सभी जगह छिड़काव भी नहीं हो पाया है। जिले में निजी वाहनों की आवाजाही अनवरत जारी है। प्रशासन द्वारा वाहन चालकों को पास जारी करने से उन पर रोक नहीं लग पा रही है। इसके चलते जिले में कोरानो का बढ़ता प्रभाव रुक नहीं पा रहा है। कोरोना के रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन की सहायता के लिए पांच अतिरिक्त आरएएस अधिकारियों को लगाया है। लेकिन उसके बावजूद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है। 

इस बाबत जिला कलेक्टर उमरदीन खान का कहना है कि प्रशासन ने जिले की सभी सीमा सील कर दी है जिले में 39 स्थानों पर चैक पोस्ट बनाया गया है। जहाँ बहार से आने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। उक्त सभी चैक पोस्टों पर राऊंड वार क्लॉक पुलिस कार्मिकों तथा क्लॉक मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। मेडिकल टीमें लगातार जाँच में जुटी हुई हैं।

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