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राजस्थान उच्च न्यायालय ने लैब तकनीशियन भर्ती-2020 मामले में जारी किया ये आदेश

संजीवनी टुडे 09-07-2020 16:39:08

राजस्थान उच्च न्यायालय ने गुरुवार को लेब तकनीशियन भर्ती 2020 में ऑफ लाइन फार्म स्वीकार करने और प्राप्तांक अनुसार वरीयता सूची में शामिल किए जाने के आदेश जारी किए है।


जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने गुरुवार को लेब तकनीशियन भर्ती 2020 में ऑफ लाइन फार्म स्वीकार करने और प्राप्तांक अनुसार वरीयता सूची में शामिल किए जाने के आदेश जारी किए है।

याची ज्योति सिलक की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेर ने रिट याचिका पेश कर बताया कि याची ने बायोटेक्नोलॉजी में स्नातक और स्नाकोत्तर डिग्री करने के बाद महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से  पी जी डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश लिया था जिसे उत्तीर्ण करने के बाद राजस्थान पैरामेडिकल कॉउंसिल में पंजीयन हेतु आवेदन किया लेकिन कॉउंसिल ने याची का पंजीकरण आवेदन निरस्त कर दिया कि याची ने पी जी डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी से पहले डिग्री बायोलॉजी में नही कर बायोटेक्नोलॉजी में की। याची की ओर से बताया गया कि यूनिवर्सिटी, अजमेर स्वयं ने आदेश जारी कर लिखा कि बायोटेक्नोलॉजी कोर्स बायलॉजी से बेहतर है और बायोटेक्नोलॉजी में जो विषय पढ़ाये जाते है उसमें बायोलॉजी से उच्चत्तर है, इसलिए बायोटेक्नोलॉजी वाले अभ्यर्थी को पंजीयन नही किया जाना गलत है, बल्कि पंजीयन किया जाने की अनुशंषा की।

 राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड ने 12 जून 2020 को लैब तकनीशियन के 1119 पदों एवं सहायक रेडियोग्राफर के 1058 पदों हेतु नियमित भर्ती निकाली है जिसमे पहले आवेदन करने की अन्तिम तिथि 2 जुलाई थी जो अब बढ़ाकर 30 जुलाई कर दी गई है। याची समस्त योग्यता रखती हैं लेकिन राजस्थान मेडिकल कौंसिल में रजिस्टर्ड होने के अभाव में असमर्थ है और कंसीडर नही किया जा रहा है । जिसके लिए याची द्वारा याचिका दाखिल कर उक्त विज्ञप्ति के अनुशरण में आवेदन के लिए गुहार लगाई गई। 

  याची की ओर से बताया गया कि पूर्व में एक अन्य प्रकरण में यह निर्णीत किया जा चुका है कि आवेदक के पंजीयन हेतु आवश्यक कोर्स पास करने से पूर्व नियमानुसार राजकीय विश्विद्यालय द्वारा समान या उच्चतर विषय में योग्यता होने पर उसे पंजीकरण हेतु मना करना गलत हैं। याची की ओर से अधिवक्ता खिलेर ने बताया कि विज्ञप्ति में आवेदन की अंतिम दिनाँक तक लैब तकनीशियन पद के लिए अपेक्षित योग्यता 12वीं पास और मेडिकल लैब तकनीशियन में डिप्लोमा रखी गयी और साथ ही मेडिकल कौंसिल में पंजीकृत होना आवश्यक है जबकि याची के  पास आवश्यक योग्यता अर्थात  बायोटेक्नोलॉजी के बाद पीजी डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी योग्यता है। इसलिए आवेदन लेने से मना करना विधि विरूद्ध और गेर वाजिब है। याची की ओर से बताया गया कि जब याची ने अपेक्षित योग्यता राजकीय विश्वविद्यालय से अर्जित की है तो उसे बिना किसी उचित कारण के मना करना गलत औऱ विधि विरुद्ध है।

इस पर राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश दिनेश मेहता ने याचिका की सुनवाई करते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को लैब तकनीशियन पदों हेतु याची के आवेदन ऑफ लाइन लेने और मेरिट अनुसार मेरिट लिस्ट में यथा स्थान जगह पर कंसीडर करने के अंतरिम आदेश देते हुए बोर्ड, राजस्थान पैरामेडिकल कॉउंसिल सहित राज्य सरकार को जवाब तलब किया और मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई मुकर्रर की है।। साथ ही यह भी आदेश दिया कि याची के मेरिट में आने पर नियुक्ति और जोइनिंग कोर्ट के अनुमति के बिना नही देने के भी आदेश दिए हैं।

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