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राजस्थान/ भीलवाड़ा में महाकर्फ़्यू का फैसला, राज्य में 14 मिले नए केस

संजीवनी टुडे 01-04-2020 01:01:00

राजस्थान के भीलवाड़ा में सर्वाधिक कोरोना पॉज़िटिव मामले होने के कारण यहां 20 मार्च से ही कर्फ़्यू लगा हुआ है, ज़िले की सीमाएं सील होने के साथ ही धारा 144 लागू है।


जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा में सर्वाधिक कोरोना पॉज़िटिव मामले होने के कारण यहां 20 मार्च से ही कर्फ़्यू लगा हुआ है, ज़िले की सीमाएं सील होने के साथ ही धारा 144 लागू है। लेकिन अब 3 से 13 अप्रैल तक प्रशासन और अधिक सख़्ती करने जा रहा है। भीलवाड़ा के एक निजी बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर से फैलना शुरू हुआ कोरोना अब पूरे ज़िले के लिए ख़तरा बन गया है, 2 हज़ार मेडिकल टीमों से ज़िलेभर के लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई है। राजस्थान में अब तक कोरोना के 93 मामले सामने आए हैं और अब तक 17 पॉज़िटिव मरीज़ ठीक भी हो चुके हैं।

आज राजस्थान में 14 नए केस मिल चुके है। राजस्थान के 93 मामले में से अकेले भीलवाड़ा से मिले 26 पॉजिटिव मामलों में 11 मरीज़ों के इलाज के बाद कोविड-9 रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन प्रशासन को अब भी बड़ी संख्या में पॉजिटिव मामले आने की आशंका सता रही है, जिसके चलते और सख़्ती की जा रही है। भीलवाड़ा में कोरोना के कारण नारायण सिंह और सुवालाल जाट की मौत भी हो चुकी है, हालांकि डॉक्टर्स ने इनकी मौत का कारण अन्य बीमारियां भी बताया है। अजमेर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (आईजी) हवा सिंह घुमारिया ने भीलवाड़ा में 3 से 13 अप्रैल तक की सख़्ती के सवाल पर कहा, "कलेक्टर और एसपी को लग रहा है कि हमें कर्फ़्यू और बढ़ाना है तो हम उनके फ़ैसले को सपोर्ट करेंगे।"

वही, भीलवाड़ा के ग्रामीण इलाक़ों में लोगों को खाद्य सामग्री नहीं मिलने की शिकायतें भी आ रही हैं। लोगों की शिकायत है कि पिछले 8 दिन में जो बचा था सब ख़त्म हो गया है, अब उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है। असल में यहां ग्रामीण इलाक़ों में मज़दूर वर्ग के लोग अधिक हैं। बिजौलिया के ब्लॉक विकास अधिकारी महेश चंद मान ने बताया, "हम खाने की व्यवस्था करा रहे हैं, सभी गांवों में एक-एक व्यक्ति नियुक्त किया गया है, जो सूचना देता है कितने लोगों को खाना देना है। हम यहां से खाद्य सामग्री वाले पैकट भी गांवों तक भिजवा रहे हैं।"

Rajasthan  Bhilwara corona virus becomes center 11 patients report negative after treatment curfew verdict

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बीबीसी को बताया, "हमने भीलवाड़ा में संक्रमण को कंट्रोल किया है। 28 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की है, ताकि कम्युनिटी स्प्रेड को रोका जाए, भीलवाड़ा के कुछ कोरोना पॉजिटिव मरीज़ इलाज से ठीक भी हुए हैं।" मंत्री शर्मा का कहना है कि पूरे राज्य में 3 करोड़ 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और अगले 3 दिन में बाक़ी बचे लोगों की स्क्रीनिंग करने का मैकेनिज्म मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सजेस्ट किया गया है। क्वारेंटाइन में रखे गए भीलवाड़ा के 6445 लोगों की मोबाइल ऐप से निगरानी भी की जा रही है, लोगों को इस ऐप पर रोज़ाना स्थिति अपडेट करनी होती है।

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया, "इस बीमारी का एक ही इलाज है सोशल डिस्टेंसिंग और कंटेनमेंट। हमने 14 हज़ार लोग 'इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस' की कैटेगरी में आईडेंटिफाई किया है, अब हमें मालूम है कि कहां फ़ोकस करना है।" कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने कहा, "हमने भीलवाड़ा में 20 मार्च से कर्फ़्यू लगाया है, जिसे 3 अप्रैल को 14 दिन हो रहे हैं। जिनमें लक्षण नहीं थे, उनमें इन 14 दिन के अंदर लक्षण आ गए हैं, जैसे बांगड़ अस्पताल से मिला पॉजिटिव मामला। लेकिन अगर उनसे कोई संक्रमित हुए होंगे तो उनमें अगले 14 दिन में लक्षण आ जाएंगे।"

"ऐसे संक्रमित लोगों को आईसोलेट कर चेन ब्रेक करेंगे तो वायरस पर क़ाबू हो सकेगा, हमारा मक़सद चेन ब्रेक करना है।" बांगड़ अस्पताल से मिले कोरोना पॉजिटिव डॉक्टर और स्टाफ के संपर्क में आए क़रीब 5 हज़ार लोगों में से सभी की जांच अब तक नहीं हो पाई है। राजस्थान में इलाज के बाद 4 लोगों को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। जबकि अभी राज्य में 444 सैंपल जांच की रिपोर्ट आना बाक़ी है।

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