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कोविड-19 के उपचार के नाम पर मनमानी वसूली नहीं कर सकेंगे निजी अस्पताल, शासन ने तय किए रेट

संजीवनी टुडे 11-07-2020 16:22:27

उत्तर प्रदेश शासन ने कोविड-19 के उपचार के नाम पर मनमानी वसूली नहीं कर सकेंगे। शासन ने पूरे प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटते हुए निजी कोविड अस्पतालों के रेट तय कर दिए हैं शासन को निजी कोविड अस्पतालों से मनमाने चिकित्सा शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं।


गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश शासन ने कोविड-19 के उपचार के नाम पर मनमानी वसूली नहीं कर सकेंगे। शासन ने पूरे प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटते हुए निजी कोविड अस्पतालों के रेट तय कर दिए हैं शासन को निजी कोविड अस्पतालों से मनमाने चिकित्सा शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। चिकित्सा शुल्क में एकरूपता लाने के लिए शासन ने रेट निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन ने पूरे प्रदेश के शहरों को ए, बी और सी, तीन श्रेणियों में  विभाजित करके श्रेणी के  मुताबिक उपचार के रेट तय किए हैं। शासन ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। 

गाजियाबाद के सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने आदेश मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि अब गंभीर मरीजों को सुपर  स्पेशियलिटी अस्पतालों में  उपचार लेने में दिक्कत नहीं होगी  और जाहिर तौर पर सरकार का यह कदम कोविड-19 से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने में सहायक होगा। सीएमओ ने बताया शासन ने गाजियाबाद समेत  कानपुर,लखनऊ,  आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ और नोएडा-ग्रेटर नोएडा को ए श्रेणी  में रखा ह‌ै। बी श्रेणी के शहरों में मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद,अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर,  मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फिरोजाबाद और फरूखाबाद को रखा गया है। बाकी सभी नगरों को सी श्रेणी में  रखा शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद की ओर से यह शासनादेश एपिडेमिक डिजीज एक्ट, 1897 तथा उप्र  महामारी कोविड-19 विनियमावली, 2020 के अंतर्गत  जारी किया  गया है। 

आदेश का अनुपालन कड़ाई से  कराने के निर्देश जिला अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दिए गए हैं। चिकित्सा शुल्क तय करने के लिए नगरों को  वर्गीकृत कराने के साथ ही अस्पतालों को भी दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। एचएबीएच से  मान्यता प्राप्त अस्पताल सामान्य  मरीजों से 10,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब  से चार्ज कर सकेंगे। सामान्य मरीज  को देखभाल के अलावा ऑक्सीजन की सुविधा भी मिलेगी। गंभीर मरीज,  जिन्हें आईसीयू में  रखे जाएगा,  उनसे  प्रतिदिन 15,000 रुपये चार्ज किए जाएंगे अति गंभीर मरीज, जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत होगी, उन मरीजों से 18,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज वसूला जा सकेगा। पीपीई किट के लिए अलग से चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इसी प्रकार  एनएबीएच से गैर  मान्यता वाले अस्पताल सामान्य मरीज से 8,000 रुपये, गंभीर मरीज से 13,000 रुपये  और अति गंभीर मरीज से 15,000 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज वसूल सकेंगे। 

शासनादेश के मुताबिक बी श्रेणी के शहरों में  चिकित्सा शुल्क ए श्रेणी के मुकाबले 80  फीसदी और सी श्रेणी के शहरों में ए श्रेणी के मुकाबले 60 फीसदी होगा। 

-20 फीसदी बेड सरकारी कर्मचारियों और आयुष्मान योजना के पात्रों के लिए आरक्षित :

शासनादेश में कहा गया है कि निजी कोविड अस्पतालों में 20 फीसदी बेड सरकारी अधिकारियों/ कर्मचारियों और आयुष्मान भारत योजना के पात्रों (जो अस्पताल आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत हैं) के लिए आरक्षित करने होंगे इन बेडों पर उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों से सीजीएचएस/ आयुष्मान भरात की दर पर ही शुल्क देय होगा।

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